रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। गांव आजमपुर निवासी शहीद विनय कुमार कपिल की शहादत को एक दशक बीत चुका है लेकिन उनके नाम पर उनके गांव का गेट बनवाने की घोषणा अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने अपने गांव का मुख्य गेट शहीद के नाम पर बनवाने की मांग की है।
गांव आजमपुर निवासी विनय कपिल सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट के पद पर बिहार के मोतीहारी में तैनात थे। वर्ष 2007 में 17 दिसंबर की रात नक्सलियों ने उनके कैंप पर हमला बोल दिया था। जवाबी कार्रवाई में विनय ने नौ नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया था। इसी दौरान उन्हें भी कई गोलियां लगी और वह शहीद हो गए थे। उनकी याद में गांव के प्रवेश द्वार पर उनकी प्रतिमा को लगवाया गया था। शहीद के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने उनके गांव के प्रवेश द्वार पर उनके नाम का गेट बनवाने की घोषणाएं की थी परंतु एक दशक बीत जाने के बाद भी गांव के प्रवेश मार्ग पर शहीद विनय कुमार के नाम पर गेट का निर्माण नहीं कराया गया है।
इस संबंध में भाजपा के प्रदेश मंत्री जसवंत सैनी का कहना है कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराएंगे।