सहारनपुर। दिवानी न्यायालय कर्मचारी संघ ने शेट्टी आयोग की अवशेष संस्तुतियों को लागू किए जाने के संबंध में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराए जाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। अधिवक्ताओं ने संस्तुतियों को लंबित किए जाने पर विरोध जताया है।
शुक्रवार को संघ के पदाधिकारी दिवानी से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि शेट्टी आयोग की अवशेष संस्तुतियों को लागू किए जाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के 16 मार्च 2015 के आदेश का अनुपालन किए जाने के लिए बार-बार अनुरोध किया गया तथा प्रत्यावेदन सौंपा, लेकिन आदेश का अब तक अनुपालन नहीं हुआ। जिसको लेकर क्षोभ और असंतोष है। उन्होंने कहा कि एक माह में आदेशों का अनुपालन कराया जाए। एक माह में शासनादेश निर्गत नहीं होते तो 14 अक्तूबर को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि शासनादेश संख्या 1283 में संशोधन किया जाए, वर्दी भत्ता प्रदान हो, लोक अदालत में कार्य करने के लिए 5 प्रतिशत वेतन का शासनादेश जारी हो, शेट्टी कमीशन द्वारा दिए गए भत्तों का पुनरीक्षण किया जाए, प्रोसेस सर्वर का गठन हो। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि कर्मचारी हितों तथा हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर शासनादेश निर्गत किए जाने का आदेश पारित कराएं। जिससे लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहें। उन्होंने कहा कि मांगों के लिए संघ को सड़क पर उतरकर आंदोलन को मजबूर होना पड़ रहा है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष संदीप यादव, जितेंद्र कुमार, संतोष माहेश्वरी, लाभ सिंह रमेश कश्यप, अनुज जैन, वीरेंद्र अग्रवाल, आशु दत्त शर्मा मौजूद रहे।