सहारनपुर। शब्बीरपुर प्रकरण में 23 मई को हुए चंदपुर में हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से 11 को कोर्ट ने पुलिस द्वारा पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के चलते निजी मुचलके पर जमानत देकर छोड़ने के आदेश दिए हैं। पुलिस तीन माह तक भी पर्याप्त साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर सकी।
शब्बीरपुर में 5 मई को हुए बवाल की घटना के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 23 मई को शब्बीरपुर में सभा की थी। सभा से लौटते समय कुछ लोगों पर ग्राम चंदपुर के पास हमला किया गया। जिसमें सरसावा के दलित बिरादरी के एक युवक आशीष की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। लगभग तीन महीने से यह मामला विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट, अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट में चल रहा था। इस मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ रिमांड याचिका भी दायर की थी। लेकिन कोर्ट ने कोई अग्रिम रिमांड याचिका नहीं होने के चलते पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर सकी। पुलिस की विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के चलते कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 11 आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देकर छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं।