सहारनपुर। भगवानपुर में जैसे ही सेना की टुकड़ी शहीद जयद्रथ के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंची, पूरा गांव रो पड़ा। अपनी धरती के लाल को देश की शान तिरंगे में लिपटे देख गांव के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। लोगों ने शहीद जयद्रथ अमर रहे, भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद, जब तक सूरज चांद रहेगा.. जयद्रथ तेरा नाम रहेगा के जमकर नारे लगाए।
सुबह लगभग आठ बजे सेना की टुकड़ी शहीद जयद्रथ के पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लेकर पहुंची। काफी देर से इंतजार कर रही शहीद जयद्रथ की पत्नी ममता के सामने जैसे ही जयद्रथ का पार्थिव शरीर आया, ममता ताबूत से लिपट गई और फिर गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी। पास खड़ी महिलाओं ने किसी प्रकार उसे संभाला। अधिकारियों के बीच खड़े शहीद के पिता जसवीर भी अचानक जमीन पर गिर पड़े और अपने बेटे के लिए रोते रहे। उनकी हालत को देख लोगों ने किसी प्रकार उन्हें संभाला।
शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे। चेहरा गुस्से में तमतमा रहा था। वहां केवल पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंज रहे थे। जिस-जिस गली से शहीद की अंतिम यात्रा गुजरी उस गली में मौजूद महिलाएं भी रो पड़ीं। गुस्साई भीड़ पाक पर अटैक की मांग कर रही थी। उसके बाद लोगों का आक्रोश उस समय नजर आया जब शहीद जयद्रथ की चिता को मुखाग्नि दी गई। शहीद के भाई सहदेव ने जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी लोग आक्रोश से भर उठे और फिर से वही नारे गूंजने लगे।
पाक सैनिक की गर्दन उतारकर लूंगा बदला
बड़गांव (सहारनपुर)। मुखाग्नि देने के बाद शहीद जयद्रथ का छोटा भाई राजपूत राइफल में सैनिक सहदेव उर्फ अर्जुन ने भी हुंकार भरी और बार-बार कहा कि मौका मिला तो अपने भाई की शहादत को बेकार नहीं जाने देगा। इसका बदला पाकिस्तान के सैनिक की गर्दन उतारकर लूंगा।