सहारनपुर के गंगोह के गांव शीतलपुर निवासी गुरदीप सिंह के छोटे भाई गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह तीन भाई हैं और उनके पिता गुरदेव सिंह के पास मात्र 12 बीघा जमीन है। इससे उनका परिवार बेहद तंगहाली में गुजर-बसर कर रहा था।
गलत तरीके से इंडोनेशिया पहुंच जाने के करीब छह माह बाद उसने अपनी पत्नी और बच्ची को वापस भेज दिया। इसके बाद वह वहां पाकिस्तानी नागरिक जुल्फकार अली के संपर्क में आ गया। 2004 में इंडोनेशिया पुलिस ने उसे मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
तब से वह जेल में बंद था। बताया गया है कि उसे 2005 में मौत की सजा सुनाई गई थी। 26 जुलाई को उसकी पत्नी को भारतीय दूतावास से सूचना मिली कि इंडोनेशिया सरकार ने गुरदीप सिंह को तीन दिन में शूट करने के आदेश दिए हैं।
गुरदीप को शूट किए जाने की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार शाम कुलदीप कौर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात कर अपने पति को निर्दोष बताते हुए बचाने और स्वदेश वापस लाने की मांग की है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुरदीप सिंह के पिता गुरुदेव सिंह, माता हरजिंदर कौर, भाई गुरप्रीत सिंह और भाभी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। हरजिंदर कोर ने बताया कि 14 साल से उन्होंने उसकी शक्ल तक नहीं देखी और अब उसे शूट किए जाने की सूचना मिली है। वह केवल भारत सरकार के भरोसे है कि वह उसके बेकसूर बेटे को मरने नहीं देगी और यहां वापस लाएगी।