फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्मार्ट सिटी का सिंबल बनेगा वुडकार्विंग उद्योग

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। वुडकार्विंग उद्योग ने सहारनपुर को दुनिया भर में पहचान दी है। अब इसी उद्योग को स्मार्ट सिटी सहारनपुर अपने सिंबल के रूप में विकसित करेगा। घंटाघर से निकलने वाले शहर के पांचों मार्गों पर नगर निगम की सीमा पर प्रवेश द्वार और उनके ऊपर या बगल में लकड़ी के बने सामान के नमूने प्रदर्शित करने की योजना नगर निगम ने बनाई है। जिससे कि शहर में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के ऐसे लोगों को भी वुडकार्विंग उद्योग के बारे में पता चले, जिन्हें नहीं पता है।
विज्ञापन

स्मार्ट सिटी योजना की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि जिस शहर की जो खूबी या जिस वजह से किसी शहर की पहचान है योजना के तहत उसे भी विकसित किया जाए। पिछले दिनों दिल्ली में हुई स्मार्ट सिटी की बैठक में भी योजना में शामिल सभी शहरों के प्रतिनिधियों को अपने-अपने शहरों की विशेषताओं पर जोर देने को कहा गया था। नगर निगम ने वुडकार्विंग उद्योग को स्मार्ट सिटी सहारनपुर की पहचान के रूप में लोगों के सामने पेश करने का निर्णय लिया है। इसके लिए घंटाघर से निकलने वाले पांचों मार्गों पर नगर निगम की सीमा पर प्रवेश द्वार या फिर ऐसे स्थल बनाने का निर्णय लिया गया है, जिन पर सीमेंट के मजबूत बेस बनाकर उनके ऊपर लकड़ी के बने नमूनों को सजाया जा सके। जिससे कि उक्त मार्गों से शहर में एंट्री करने वाले बाहरी राज्यों के लोगों को सहारनपुर के वुडकार्विंग उद्योग के बारे में पता चल सके। यह सभी कार्य 2019 में पूरे करने की योजना है।
----------------
इन मार्गों का किया गया है चयन
प्रवेश द्वार और सिंबल बनाने के लिए दिल्ली रोड, अंबाला रोड, देहरादून रोड, बेहट रोड और रेलवे रोड को चिह्नित किया गया है। रेलवे रोड पर रेलवे स्टेशन के ठीक बाहर बड़ा सिंबल बनाया जाएगा, जिससे कि ट्रेन से सहारनपुर में आने वाले लोगों को महसूस हो कि सहारनपुर वुडकार्विंग सिटी भी है।
विज्ञापन

----------------
वुडकार्विंग उद्योग एक नजर में...
-एक लाख से अधिक कारीगर।
-1250 से अधिक कारखाने।
-500 से अधिक रिटेल शोरूम।
-करीब 300 एक्सपोर्टर।
-1600 करोड़ का सालाना टर्नओवर।
-एक्सपोर्ट होने वाले सामान में 30 फीसदी यूएसए और शेष बाकी दुनिया में जाता है।
----------------
स्मार्ट सिटी को वुडकार्विंग सिटी के रूप में पहचान देने की योजना है। घंटा घर पर आकर मिलने वाले पांचों मार्गों पर हम प्रवेश द्वार या फिर ऐसे सिंबल बनवाएंगे, जिन पर लकड़ी से बने सामान को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए वुडकार्विंग उद्यमियों से बात भी हो गई है। मकसद यही है कि बाहर शहर में आने वाले लोगों को घुसते ही अहसास हो कि वह वुडकार्विंग सिटी में आए हैं।
विज्ञापन

ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें