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बच्चों ने बंद आंखों से पढ़कर बताए नोटों के नंबर

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गंगोह (सहारनपुर)। श्री जगदंबा इंस्टीट्यूट में दो दिवसीय प्रथम मिडब्रेन एक्टीवेशन शिविर का आयोजन किया गया। बच्चों में मेमोरी, कॉन्सेंट्रेशन, विजुलाइजेशन, इमेजिनेशन, क्रिएटिविटी और जल्दी पढ़ने की कला जाग्रत करने के उद्देश्य से आयोजित शिविर के समापन पर विद्यार्थियों ने आंखों पर पट्टी बांधकर रंगों, अंकों और नोटों पर लिखे नंबरों तक की पहचानकर अभिभावकों को हैरत में डाल दिया।
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रामबाग रोड स्थित इंस्टीट्यूट में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लिम्का बुक रिकार्ड होल्डर विशाल गुप्ता, ट्रेनर कीर्ति गुप्ता, संस्थान संरक्षक डा. राकेश गर्ग और एमडी मोनिका गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। विशाल गुप्ता ने मिड ब्रेन एक्टीवेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हमारे मस्तिष्क के तीन भाग होते हैं। राइट ब्रेन, लेफ्ट ब्रेन। दोनों को जोड़ने वाला हिस्सा इंटर ब्रेन अथवा मिड ब्रेन कहलाता है। दोनों अर्ध-मस्तिष्कों के बीच का सेतु यदि एक्टिव हो जाए, तो बच्चा आल राउंडर बन जाता है, उसके आई क्यू और ई क्यू दोनों एक साथ बढ़ते है। कीर्ति गुप्ता ने बताया कि केवल पांच वर्ष से 15 वर्ष की आयु के बच्चों का ही मिड ब्रेन एक्टिव किया जा सकता है। मिड ब्रेन एक्टिवेट होने के बाद बच्चों में एकाग्रता की जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। योग और विज्ञान के मिले-जुले प्रयोग ‘मिड ब्रेन एक्टिवेशन टेक्निक’ के जरिये ऐसा किया जाता है। बताया कि यह तकनीक आज के बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इसके बाद बच्चों वंश सिंघल, आन्या मित्तल, भव्या पाहवा, शिवगंगा, व्याख्या नामदेव, हर्शी गोयल, अरुण कुमार, अमन कुमार, निकुंज, युग सिंघल, अवीशी गोयल, जिकरा, शैली गोयल रूद्रांश नामदेव, भव्या गर्ग, सुहानी गर्ग ने आंखों पर पट्टी बांधकर रंगों, अंकों और नोटों की पहचान करके दिखाई। मोनिका गर्ग ने अतिथियों का आभार जताते हुए बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। अनिल नामदेव, शंकर पाहवा, सन्नी मित्तल, डा. प्रदीप, सुरेंद्र कुमार, अमित गर्ग, अवधेश, नसीम, रोहित सिंघल, राजेश नामदेव, उमंग, नेहा, शगुन, मान्या गर्ग आदि रहे।
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