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समय से शुगर मिल ना चली तो सीजन में किसानों को होगी परेशानी

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अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर। जनपद में गन्ने के क्षेत्रफल में हुई करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के चलते गन्ना विभाग शुगर मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू कराने की कवायद में जुटा हुआ है। यदि मिलों द्वारा पेराई सत्र शुरू करने में देरी हुई तो इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पडे़गा। क्योंकि इससे न सिर्फ गेहूं की अगेती बुआई प्रभावित होगी बल्कि सीजन भी अप्रैल, मई तक जाने की संभावना है। पिछले कई वर्षों तक जनपद की शुगर मिलें गन्ने की कमी से जूझती रहीं है। जबकि गत वर्ष जिले में हुई गन्ने की बंपर पैदावार के चलते सभी मिलों को भरपूर गन्ना मिला।
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इस बार भी जनपद में न सिर्फ गन्ने का रकबा करीब 10 फीसदी बढ़ा है बल्कि फसल भी अच्छी है। जनपद में गत सीजन में जहां 91984 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल था, वहीं इस बार गन्ने का रकबा बढ़कर 101292 हेक्टेयर हो गया है। गत सीजन में शुगर मिलों को करीब 480 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना पेराई के लिए उपलब्ध हुआ। इसके चलते कई मिलों का पेेराई सत्र अप्रैल तक गया। बहुत वर्षों बाद गन्ना पर्चियों के लिए मारामारी भी रही। जिले के अधिकांश किसान गन्ने की पेड़ी की कटाई के बाद गेहूं की बुआई करते हैं। यदि मिलों के चलने में देरी होती है तो उसका असर गेहूं की बुआई पर पड़ना लाजिमी है। हालांकि जिले की दो शुगर मिले अपने पेराई क्षमता को बढ़ाने का दावा कर रही हैं। फिर भी गन्ना क्षेत्रफल ओर उत्पादकता में बढ़ोत्तरी को देखते हुए माना जा रहा है कि शुगर मिलों से लेकर किसानों तक के लिए आगामी गन्ना पेराई सत्र टाइट रहेगा। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले की अधिकांश शुगर मिले अक्टूबर में चल जाएंगी। क्योंकि इस बार गन्ने का क्षेत्रफल ओर फसल अच्छी है।
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