सहारनपुर। स्मार्ट सिटी बनने का सपना देख रहे सहारनपुर की उम्मीदों पर फिर से पानी फिरता नजर आ रहा है। योजना के तीन चरणों में फेल होने के बाद भी अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है। यही वजह है कि चौथे चरण के लिए सोमवार 18 सितंबर को लखनऊ में हुई कंसलटेंट एजेंसी की प्रेजेंटेशन फ्लॉप रही है। उच्चाधिकारियों ने एजेंसी के अधिकारियों की प्रेजेंटेशन पर असंतुष्टि व्यक्त करते हुए सुधार करने को कहा है।
सौभाग्य से सहारनपुर योजना में पहले चरण से शामिल रहा है। योजना के तहत हर चरण में यहां से नगर निगम और कंसलटेंट एजेंसी के द्वारा प्रपोजल बनाकर पेश किए जाते रहे, मगर उच्चाधिकारियों ने उनमें दम न होने की वजह से उनका बार-बार खारिज कर दिया। वर्तमान में योजना का चौथा चरण शुरू हो चुका है, जिसके तहत काफी कुछ किया जाना बाकी है। उच्चाधिकारियों ने 18 सितंबर को लखनऊ में सभी कंसलटेंट एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें एक-एक घंटे की प्रेजेंटेशन हुई। सूत्रों की मानें तो सहारनपुर को मिली कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारी योजना के तहत भविष्य में होने वाले शहर के विकास का खाका उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रभावी तरीके से पेश नहीं कर सके। उच्चाधिकारियों ने उसमें अनेक खामियां गिनाते हुए सुधार करने के निर्देश दिए। उधर, स्मार्ट सिटी के लिए नोडल अधिकारी रहे चीफ इंजीनियर पीके मित्तल के निलंबित होने के बाद नगर निगम नया नोडल अधिकारी नहीं बना सका है।