सहारनपुर। बेहट रोड स्थित गांव रसूलपुर और चकदेवली में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के अधिकारियों द्वारा सरकारी पैसों की हेराफेरी करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
बेहट रोड स्थित गांव रसूलपुर निवासी इमरान मलिक, कय्यूम, मुख्तयार, इसरार, बिलाल, पप्पू उर्फ तासीन, ताहिर हसन, मसूद ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा कि 2016 -17 में 26 करोड़ का बजट अल्पसंख्यक बहुमूल्य बस्तियों के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स सड़क एवं नालियों के लिए आया था। आरोप है कि बजट का 40 प्रतिशत कार्य भी नहीं हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव रसूलपुर में साढ़े तीन करोड़ रुपये का बजट टाइल्स इंटरलॉकिंग सड़क व नालियों के लिए पास हुआ था। मगर गांव में मात्र पचास लाख रुपये का ही कार्य हुआ है और कागजों में पूरा खर्च दिखाया गया है। इसी तरह गांव चकदेवली में 90 लाख रुपये का बजट पास कराकर दस से बारह लाख रुपये का ही कार्य कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब डूडा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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सड़क निर्माण में धांधली के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। मेरे पास खर्च हुए एक-एक पैसे का साक्ष्य है। यदि किसी को शक है तो शासन किसी भी एजेंसी से निर्माण कार्यों की जांच करा सकता है।---- आरके कौशिक, परियोजना अधिकारी डूडा