ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में गुलाल से खेली होली
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। होली के त्योहार पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा में श्रद्धालुओं ने एक दूसरे पर अबीर गुलाल लगाकर होली का पर्व मनाया।
कार्यक्रम में शाखा की इंचार्ज बीके संतोष दीदी ने कहा कि होली के पूर्व के महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि होली का पर्व हमें संदेश देता है कि हम एक दूसरे के प्रति मनमुटाव का त्याग कर एक दूसरे को गले लगाए। होली से पूर्व बसंत पंचमी पर्व मनाया जाता है। इस दिन हम पांच उपले नगर के चौराहे पर रखते हैं। इसका अर्थ है कि जो हमारे अंदर पांच विकार काम, क्रोध, लोभ, मोह, अंधकार है उसे हम अपने अंदर से निकालकर बाहर चौराहे पर रख आते है बस हमने आज इन पांच विकारों का अंत कर दिया है। इसके बाद लोग झाड झंकाड के रूप में अपने अंदर की बुराइयां उन पांच उपलों वाले स्थान पर एकत्रित करते हैं। इसके बाद उसे जलाकर होली मनाते हैं। इसका अर्थ यह भी है कि आज इन्हें जलाकर हम श्रेष्ठ हो गए हैं। इस मौके पर जनक सिंह, बाबूराम, मा. सूरजपाल, बबीता, सुदेश, मितलेश, रमा, मंजू आदि रहे।