सहारनपुर। किसानों के आंदोलन के साथ ही जिला प्रशासन एवं गन्ना विभाग के प्रयासों ने रंग लाना शुरू कर दिया है। पिछले चार सीजन से बंद पड़ी जनपद की टोडरपुर शुगर मिल को एक मार्च से चलाने की तैयारी है। इससे क्षेत्र के करीब 24 हजार किसानों को फायदा होगा। गन्ना विभाग ने टोडरपुर शुगर मिल को पेराई के लिए 25 लाख क्विंटल आवंटित किया है।
जनपद में स्थापित आठ शुगर मिलों में सिर्फ छह चीनी मिलें ही इस समय पेराई कर रही हैं। इनमें निजी क्षेत्र की गांगनौली, गागलहेड़ी, देवबंद, शेरमऊ और सहकारी क्षेत्र की नानौता और सरसावा शुगर मिल शामिल हैं। जबकि बिड़वी और टोडरपुर शुगर मिल पिछले कई सीजन से बंद पड़ी हैं। इन मिलों को चलाने को लेकर क्षेत्रीय किसान आंदोलनरत रहे हैं। जिला प्रशासन और गन्ना विभाग से टोडरपुर मिल को चलवाने का आश्वासन मिलने के बाद ही वहां के किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया था।
इसके बाद से ही शुगर मिल के नए मालिकों ने मिल में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया था। गन्ना विभाग ने 5000 टीडीसी क्षमता वाली इस मिल को 25 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया है। मिल गेट सहित 32 क्रय केंद्रों पर गन्ना खरीद की जाएगी। उम्मीद है कि मिल में पेराई कार्य एक मार्च से शुरू हो जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि टोडरपुर शुगर मिल में मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है। इसके एक मार्च से पेराई आरंभ करने की संभावना है। मिल को 25 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है। मिल के चलने से क्षेत्र के करीब 24 हजार किसानों को फायदा होगा।