सहारनपुर। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया है कि उच्च न्यायालय ने कर्मचारियों की हड़ताल को असंवैधानिक घोषित किया है। इसलिए हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारी तत्काल वापस काम पर आएं नहीं तो कड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी भी हो सकती है।
प्रेस को जारी एक बयान में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल का असर नगण्य है। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की अनुमानित 13322 संख्या के सापेक्ष मात्र 634 कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिनका प्रतिशत 4.76 है। प्राथमिक शिक्षा से जुडे़ अध्यापकों की संख्या के सापेक्ष 427 अध्यापक ही हड़ताल पर है, जो कि वैद्यानिक रूप मान्य नहीं है। ऐसे अध्यापकों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा कर्मचारियों की इस हड़ताल को असंवैधानिक घोषित किया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कड़े निर्देश निर्गत किये गए हैं। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी हड़ताल पर वह तत्काल अपने-अपने कार्य पर वापस हों अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार भी की जा सकता है।