सरसावा। नवनिर्मित बाईपास के किनारे सर्विस रोड और रैंप की मांग को लेकर एक सप्ताह से धरने पर बैठे ग्राम झबीरण के लोग अपनी शर्त मनवाने के लिए जिद पर अड़े हुए हैं। लोगों का कहना है कि बाईपास के लिए उनकी कीमती जमीनें अधिग्रहीत करते समय आश्वासन दिया गया था कि गांव को राजमार्ग से जोड़ने के लिए स्लिप रोड बनाई जाएगी। लेकिन प्रशासन तथा एनएच वायदे से मुकर रहा है जिनसे संघर्ष करने के लिए लोग पूरी तरह से तैयार हैं।
ग्राम झबीरण के लोगों ने आठवें दिन भी हाईवे पर धरना दिया। मांगेराम प्रधान, आशीष चौधरी, जितेंद्र, सुबे सिंह ने कहा कि जिस समय झबीरण गांव की कीमती तथा उपजाऊ जमीनों का तहसील द्वारा हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहण किया जा रहा था तब ग्राम झबीरण के किसानों ने आवाज उठाई थी कि उनकी रोजी रोटी छीनी जा रही है। जिस पर तहसील के अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया था कि हाईवे बनने से उनके गांव राजमार्ग से सीधे जुड़ जाएंगे। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। लेकिन अब प्रशासन अपने वायदे से मुकर रहा है और गांवों को राजमार्ग से नहीं जोड़ा जा रहा है। धरने पर बैठे लोगों ने प्रशासन पर ठगने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि जो किसान विकास कार्यों के लिए अपनी जमीन कुर्बान करना जानते हैं वे लड़कर अपना हक लेना भी जानते हैं। लोगों ने कहा कि प्रशासन कुछ भी कर ले, वे गांव को राजमार्ग से जोड़ने वाली स्लिप रोड लिए बिना धरने से उठने वाले नहीं हैं।
गांव के ही डाक्टर राज सिंह, कुलदीप, रईस, इलियास ने कहा कि तहसील तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के रवैये के खिलाफ धरने प्रदर्शन के अलावा कानूनी पहलुओं पर भी विचार कर रहे हैं। साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालने पर भी विचार किया जा रहा है। इस मौके पर राजकुमार, विष्णु, नसीम, बाबूराम, अशोक कुमार, देवेंद्र, अरविंद, शराफत, सईद, मंजूर, जसवीर, दीपक, मतलूब मौजूद रहे।