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जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा, बेहाल हो रहे मरीज

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जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा, बेहाल हो रहे मरीज
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में दवाओं की किल्लत अब तक बनी हुई है। अधिकारी पर्याप्त दवाएं होने का दावा तो कर रहे हैं। मगर इसके बावजूद औषधि वितरण कक्षों से मरीजों को खाली लौटाया जा रहा है। ऐसे हालात में मरीज और तीमारदार निजी दवा दुकानों पर जाने के लिए मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी ने बताया कि करीब पांच माह पहले तक 1035 प्रकार की दवाएं सरकारी अस्पतालों में पहुंचती थीं। मगर इसके बाद से सरकार ने 260 प्रकार की दवाएं कर दीं। जिला अस्पताल में 248 प्रकार की जरूरी दवाएं होनी चाहिएं। मगर लंबे समय से दवाओं की भारी कमी चल रही है। दवाओं की कमी को देखते हुए 26 प्रकार की दवाएं बाजार से खरीदी गई हैं। इससे मरीजों को परेशानी न हो। इसके अलावा लखनऊ से भी दवाएं मंगाई गई हैं।
वर्तमान में 248 के सापेक्ष 196 प्रकार की दवाएं जिला अस्पताल के प्रमुख औषधि भंडारण में उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। मगर उसके बाद भी मरीजों को अस्पताल के औषधि वितरण कक्षों से खाली हाथ लौटाया जा रहा है। इंदिरा चौक निवासी मोहम्मद युनुस बुधवार को त्वचा रोग के इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। 14 नंबर कक्ष की ओपीडी से उन्हें लोशन और कुछ दवाएं लिखी गईं। जब वह 23 नंबर कक्ष में दवा लेने पहुंचे तो आरोप है कि उन्हें 24 नंबर में जाने को कहा गया। जब 24 नंबर में पहुंचे तो दवा नहीं होने की बात कहते हुए उन्हें इमरजेंसी के पास खुले जन औषधि केंद्र पर जाने की सलाह दी गई है। संत रविदास छात्रावास से दवा लेने पहुंचे अंकित ने बताया कि वह 17 नवंबर को भी आए थे। लेकिन दवाएं नहीं मिली थीं। 21 नवंबर को पहुंचे तो उन्हें चार दवाओं में से मात्र एक दवा दी गई है। सवाल यह है कि यदि अस्पताल में 196 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं तो मरीजों को दवाओं के लिए भटकना क्यों पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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लखनऊ से दवाएं आना शुरू हो गई हैं। मंगलवार को भी दवाओं की खेप हमारे पास पहुंची है। वर्तमान में जिला अस्पताल के औषधि भंडार में ज्यादातर दवाएं उपलब्ध हैं। यदि किसी व्यक्ति को दवा नहीं मिल रही है तो वह मुझसे सीधे मिलकर शिकायत दर्ज करा सकता है।
डॉ. सुनित कुमार वार्ष्णेय, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक।
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