सहारनपुर। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने कहा है कि ब्राह्मण समाज से अन्य सभी समाजों ने प्रेरणा ली है। ब्राह्मण समाज को अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर मंथन कर एकजुट होना होगा और समाज में फैली बुराइयों को दूर करना होगा। ब्राह्मण समाज अपनी पारंपरिक जीवन शैली का ही अनुसरण करे।
शुक्रवार को शहर के आईएमए भवन में ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित ब्राह्मण चिंतन शिविर में मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि समाज को अपनी गरिमा को बरकरार रखना है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा ही सबको रचनात्मक विचार दिए हैं। समाज के युवकों का दायित्व है कि समाज से कुरीतियां मिटाएं। योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण ने कहा कि योग विद्या किसी जाति अथवा वर्ग विशेष की नहीं है, लेकिन मार्गदर्शक माने जाने वाले ब्राह्मण वर्ग से यह उम्मीद अवश्य है कि इस विद्या को अपनाएं। यह समाज में एकता एवं शुभ संस्कारों की जनक है। ब्रह्मचारी सहजानंद ने कहा कि समाज में एकता जरूरी है। कार्यक्रम संयोजक मयंक शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपने सभी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आकर समाज को संगठित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दहेज और मृत्युभोज पर रोक लगनी चाहिए। राजीव शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज को धर्मशास्त्र ज्ञानी भगवान परशुराम के चरित्र का अनुसरण करना चाहिए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने डाक्टर हर्षवर्धन द्वारा लिखित काव्य पुस्तक इंद्रधनुष का विमोचन किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल, बार संघ अध्यक्ष अरविंद शर्मा, मुकेश दीक्षित, अर्जुन पंडित, रोहित कौशिक, आशीष शर्मा, हेमंत पंडित, बाबा रिजकदास, विवेक पंत, लोकेश वत्स, आकाश शर्मा, वैभव शर्मा, अभिषेक रणखंडी, मुकुल पंडित, सुभलेश शर्मा, सुखलेश शर्मा, सागर, अनिल शर्मा, सुमित शांडिल्य, अवधेश शर्मा, अंकुर तिवड़ा, सचिन बावैल, डाक्टर हर्षवर्धन ने भी विचार व्यक्त किए।