लखनौती (सहारनपुर)। पेड़ की शाखाएं काट रहे युवक की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। आरोप है कि हादसा ट्रांसमिशन के जेई की लापरवाही से हुआ। जेई ने शट डाउन होने की बात कह कर युवक को पेड़ पर चढ़ा दिया। ग्रामीणों ने जेई के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा मिलने तक शव को पेड़ से नीचे नहीं उतरने दिया और जमकर हंगामा किया। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को नीचे उतरवाया।
नागल थाना क्षेत्र के गांव कोटा निवासी एक युवक ने बिजली की लाइनों के आसपास पेड़ों की शाखाएं काटने का ठेका ले रखा है। उसके साथ गांव कोटा के ही 32 वर्षीय अंकुश पुत्र चमनलाल अपने साथियों नीटू, मांगेराम, अंजू, दीपक, कवि, अनुज, उमेश के साथ गंगोह थाना क्षेत्र के गांव कम्हेड़ा के सलारपुरा मार्ग पर बिजली की 132 केवीए ट्रांसमिशन लाइन के आसपास खडे़ पेड़ों की शाखाएं काट रहा था।
शुक्रवार की सुबह जैसे ही अंकुश ने पेड़ की एक शाखा काटी तो वह पास से गुजार रही लाइन पर जा गिरी। इससे जोरदार धमाका हुआ। अंकुश करंट से बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव भी पेड़ पर ही लटका रहा। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के पेड़ों पर शाखाएं काटने का काम कर रहे उसके साथियों ने कूद कर अपनी जान बचाई। मृतक अंकुश के साथियों के अनुसार ट्रांसमिशन के जेई की लापरवाही से हादसा हुआ है। जेई ने शट डाउन लिए बिना ही उन्हें आपूर्ति न होने की बात कहते हुए चढ़ने के लिए कह दिया। हादसा होने के बाद मौके पर आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के परिजन और ग्रामीण जेई के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा न मिलने तक शव को पेड़ से नीचे नहीं उतरने देने की जिद पर अड़ गए। हंगामा होता देख गंगोह कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे के बाद मौके पर पहुंचे नकुड़ एसडीएम युगराज सिंह और सीओ राजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शव नीचे उतवाया। नकुड़ उपजिलाधिकारी युगराज सिंह का कहना है कि नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।