सहारनपुर। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर घंटाघर स्थित विद्युत निगम के कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया।
घंटाघर पर अवर अभियंताओं के धरने में वक्ताओं ने छह सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि जूनियर इंजीनियर प्रतिमाह राजस्व वसूली कार्यों में अपनी बाइक से 30 लीटर पेट्रोल के मूल्य के समतुल्य भुगतान का मामला उठाया। अवर अभियंता विभाग के कार्यों में अपनी निजी बाइक का प्रयोग कर रहे हैं। अधिकतर खंडों में पिछले दो वर्षों से कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह अवर अभियंता संवर्ग का आर्थिक शोषण है।
अवर अभियंता द्वारा अनुरक्षण कार्य सामान स्टोर से उठाकर कराया लिया जाता है, जिनका नियमितीकरण भी समय से नहीं हो पाता। ऊर्जा मंत्री एवं निगम के चेयरमैन द्वारा अवर अभियंता के कार्य क्षेत्रों में टीजी-2 को प्रभारी के रूप में दिए गए प्रभार से तुरंत हटाने के आदेश दिए गए थे। लेकिन पूरे प्रदेश में टीजी-2 को प्रभारी पद से हटा दिया गया है। वहीं सहारनपुर जोन में मुजफ्फरनगर, शामली एवं सहारनपुर में टीजी-2 को अवर अभियंता प्रभारी के रूप में यथावत तैनात किया हुआ है। टीजी-2 प्रभारी जूनियर इंजीनियर के रूप में कार्यरत रहते हैं। जबकि नियमानुसार किसी भी कर्मचारी एवं अधिकारी का स्थानांतरण उपखंड, खंड, मंडल, जोन अथवा अंचल से उसके मूल पद से मूल पद पर किया जाता है। लेकिन प्रशासनिक अनियमितता टीजी-2 प्रभारी को प्रभारी के पद पर ही मात्र इसलिए स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे प्रबंध निदेशक द्वारा पुन: प्रभारी के रूप में अनुमोदन प्राप्त न किया जाए।
संगठन ने मांग की है कि जूनियर इंजीनियर एवं अधिकारियों की तरह टीजी-2 के विवरण में प्रभारी अवधि का अंकन किया जाए तथा प्रभारी अवधि का अनापत्ति प्रमाण-पत्र अवश्य प्राप्त कर पेंशन का निस्तारण किया जाए। अपनी मांगों को लेकर संगठन ने मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
अभियंता एके शर्मा की अध्यक्षता में हुए धरने में राजनारायण सिंह, अजय यादव, सतेंद्र कुमार, यूसी वर्मा समेत मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर के अवर अभियंता शामिल रहे।