छुटमलपुर। उप्र क्षत्रिय महासभा की बैठक में प्रशासन द्वारा महाराणा प्रताप जयंती समारोह पर रोक को औचित्यहीन और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन उस महापुरुष की जयंती पर रोक लगाने का काम कर रहा है, जिसने देश की खातिर अपने प्राणों की बाजी लगाई थी।
व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा देवराज सिंह पुंडीर के कार्यालय पर आयोजित बैठक में महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कान सिंह राणा ने कहा कि महाराणा प्रताप किसी एक जाति या धर्म के नहीं बल्कि भारत माता के वीर सपूत थे। उनकी जयंती समारोह पर रोक का प्रयास निंदनीय है। प्रशासन का यह तर्क की इससे माहौल खराब होगा हास्यपद है। प्रदेश उपाध्यक्ष नाथी सिंह पुंडीर ने कहा कि महाराणा प्रताप हर देशभक्त के दिल में बसे हैं। जिला प्रभारी रमेश चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप की जयंती नौ मई से पूरे माह तक मनाई जाती है और इस बार भी पूर्व की भांति धूमधाम से मनाई जाएगी। यदि इसमें किसी ने अड़ंगा लगाने का प्रयास किया तो गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि चंद वोटों की खातिर सरकार क्षत्रियों की भावनाओं से खेल रही है। चुनाव में राजपूत समाज इसका जवाब देगा।
बैठक में अर्जुन राणा, रजत राणा, ठा. ऋषिपाल सिंह, जयपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, लाखन सिंह, प्रदीप राणा, परविंद्र राणा, बसंत राणा, राजेश राणा, अजय सिंह, हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।