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विधायक ने विधान सभा सत्र में उठाया स्कैनिया बसों का मुद्दा

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सहारनपुर। सपा विधायक संजय गर्ग ने विधानसभा के प्रथम सत्र में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा चलाई गई स्कैनिया बसों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन निगम के कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर प्राइवेट ठेकेदारों को स्कैनिया बसें चलाने का ठेका दे दिया है। जो लाभ रोडवेज सामान्य बस से कमा रहा है, उस लाभ को प्राइवेट ठेकेदार डकार रहे हैं, जबकि रोडवेज को प्रतिमाह लगभग 70 लाख रुपये का नुकसान सिर्फ स्कैनिया बसों से हो रहा है।
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सहारनपुर के नगर विधायक संजय गर्ग ने विधानसभा के प्रथम सत्र-2018 में प्रथम शुक्रवार को रोडवेज की स्कैनिया बसों के संचालन को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि परिवहन निगम के कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर रोडवेज का लाभ अनुबंधित स्कैनिया बस ठेकेदारों को दिया है। उन्होंने प्रदेश के परिवहन मंत्री से स्कैनिया बसों के संचालन, लोड फेक्टर और उनसे निगम को हो रहे लाभ के बारे में जानकारी मांगी थी। जिसमें उन्हें जवाब दिया गया कि रोडवेज की प्रदेश भर में 52 स्कैनिया बसें चल रहीं हैं। जिनका लोड फैक्टर मात्र 35 प्रतिशत है। स्कैनिया बसों के संचालन में निगम को प्रतिमाह लगभग 70 लाख रुपये की हानि हो रही है। विधायक संजय गर्ग ने कहा कि सहारनपुर डिपो से 5 स्कैनिया बसें संचालित की जा रहीं हैं। जिनमें प्रत्येक बस से प्रतिमाह 3 लाख रुपये का कुल 15 लाख रुपये प्रतिमाह का नुकसान हो रहा है। जबकि यहां से लखनऊ के लिए मात्र 30-35 सवारी भी नहीं जा पा रहीं हैं। किराया ही इतना अधिक है। इतना किराया देने की बजाय यात्री फ्लाइट से ही लखनऊ जा सकते हैं। अब स्कैनिया बसों का किराया और भी कम कर दिया है। जिससे यह घाटा और बढ़ गया। जबकि बस के ठेकेदारों को पूरा भुगतान किया जा रहा है। परिवहन निगम इन सफेद हाथियों को बेवजह ढो रही है। इससे अच्छा यह है कि निगम अपनी बसों में ही अच्छी सुविधाएं दे और नई बसों का संचालन करे। इससे निगम को भी लाभ होगा और यात्रियों को भी। उन्होंने इन बसों का संचालन बंद कराए जाने की मांग की है।
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