सहारनपुर। सियासत में वर्चस्व की जंग लड़ रहे पूर्व सांसद रशीद मसूद और उनके भतीजे पूर्व विधायक इमरान मसूद के बीच शुक्रवार को एक पूर्व सभासद को लेकर जबरदस्त खींचतान चली। इमरान के करीबी पूर्व सभासद को रशीद मसूद के बेटे और बसपा नेता शाजान मसूद ने पार्टी ज्वाइन करा दी। शाम होने से पहले कांग्रेस नेता इमरान मसूद उसी पूर्व सभासद को लेकर समाचार पत्रों के कार्यालय में पहुंच गए। देर रात बसपा नेता शाजान मसूद ने फिर से बाजी पलटी और पूर्व सभासद से साफ शब्दों में बसपा में शामिल होना स्वीकार कर लिया। उनका दावा था कि कांग्रेस नेता इमरान मसूद से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं और वह हमेशा रहेगा।
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद के करीबी और पूर्व सभासद मनमोहन जुनेजा के आवास पर बाकायदा कार्यक्रम कर बसपा में शामिल हुए। इस मौके पर शाजान मसूद ने कहा कि उनके पार्टी में आने से मजबूती मिलेगी। जिसमें बसपा के जोन प्रभारी नरेश गौतम, काजी शाजान मसूद, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, जोन कोआर्डिनेटर कुलदीप बालियान, जिला प्रभारी लोधी कुमार, फैजुर्रहमान, प्रातप सिंह, डाक्टर रागिब अंजुम, शराफत खान, मियां बबलू जैदी, पीयूष शर्मा, राकेश शर्मा, सागर शर्मा, राजेश चौहान समेत अनेक पदाधिकारी शामिल हुए। मनमोहन जुनेजा के बसपा में शामिल होने की सूचना मिलते ही कांग्रेसियों में खलबली मच गई। तुरंत ही कांग्रेस नेताओं ने मनमोहन जुनेजा से संपर्क शुरू कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने मनमोहन जुनेजा को समझा बुझा कर उन्हें मना लिया। शाम होते-होते मनमोहन जुनेजा ने घर वापसी कर दी। मनमोहन जुनेजा ने इमरान मसूद के साथ फिर से कांग्रेस में शामिल होने का एलान कर बसपा को झटका दे दिया। देर रात मनमोहन जुनेजा ने कहा कि इमरान मसूद से उनका व्यक्तिगत नाता है, जो हमेशा रहेगा। मगर, राजनीतिक रूप से वह बसपा में रहेंगे। इस पूरे प्रकरण को काजी रशीद और इमरान मसूद के बीच चल रही सियासी जंग से जोड़कर देखा जा रहा है।