रामपुर मनिहारान। बरसात में कस्बावासियों को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए नगर पंचायत द्वारा किए जा रहे नाला सफाई के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। सरकारी खजाने से नाला सफाई पर भले ही 12 लाख रुपये खर्च हो गए हों लेकिन जलभराव से मुक्ति नहीं मिल रही है। नगर पंचायत अपनी कमियों को छुपाने के लिए अतिक्रमण करने वालों पर ठीकरा फोड़ रही है। वजह जो भी हो लेकिन कस्बे की सड़कों पर जलभराव से साफ हो रहा है कि नाला सफाई के नाम पर सरकारी खजाना तो साफ हुआ लेकिन नाले पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं। जिसका खामियाजा बरसात के दिनों में कस्बावासियों को भरना पड़ेगा।
- अनिल जैन का कहना है कि कस्बे के पीठ बाजार में हल्की बारिश होते ही जल भराव हो जाता है। नाले- नालियों की ठीक से सफाई नहीं होती है। नालों को अतिक्रमण मुक्त किया जाना चाहिए।
- प्रदीप गुप्ता का कहना है कि देहली रोड के दोनों ओर बने नाले अब हाइवे निर्माण के दौरान पीडब्लूडी ने तोड़ दिए हैं। अब ऐसे में यदि बरसात होती है तो देहली रोड के दोनों किनारे तालाब बन जाएंगे।
- अमन कुमार का कहना है कि मोहल्ला गंगाराम वाल्मीकि बस्ती में जलभराव के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं।
यह हैं मुख्य नाले
1.इस्लामनगर रोड ईदगाह से रामपुरी ड्रेन तक।
2.ब्लाक कालोनी से बाईपास रोड से ईदगाह तक।
3.ठाकुर द्वारा चौक से काली भैरव तक।
4.ठाकुर द्वारा से कल्लरपुर रोड तक
5.बस स्टैंड से देवबंद रोड पर रेलवे फाटक तक।
6.शहरी पुल से मोहल्ला शिवपुरी तक।
7.मोहल्ला टाल से ईदगाह तक।
8.आंबेडकर चौक से पुरानी चुंगी तक।
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नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी आरसी मौर्य का कहना है कि नालों की सफाई लगभग करा दी गई है। इस पर 12 लाख तक खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में यदि कहीं जलभराव होता है तो उससे निपटने की भी तैयारी कर ली गई है।