फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहारनपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए बदमाश ?

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए बदमाश ?
विज्ञापन

सहारनपुर। मदुरै-देहरादून सुपरफास्ट ट्रेन में डकैती के बाद ट्रेनों और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ बदमाश सहारनपुर रेलवे स्टेशन से ही सुपरफास्ट में सवार हुए और हिंडन केबिन तक ट्रेन के पहुंचने पर जंजीर खींच कर ट्रेन रुकवा ली। न तो रेलवे स्टेशन पर किसी टीटीई ने प्लेटफार्म टिकट ही चेक किया और न ही जीआरपी अथवा आरपीएफ कर्मियों ने किसी की तलाशी ही ली। बदमाश चाकू समेत ट्रेन में पहुंच गए।
बदमाशों को यह पता था कि सहारनपुर से आगे ट्रेन में सुरक्षाकर्मी नहीं होंगे। जिस कारण सहारनपुर स्टेशन से कुछ दूर चलकर बदमाशों ने हिंडन केबिन के निकट वारदात को अंजाम दे डाला। जबकि आधी रात के बाद स्टेशन पर गिने-चुने ही लोग रहते हैं। फिर भी न कोई जांच, न कोई तलाशी। यह हाल तो तब है जब कुछ दिन पूर्व ही सहारनपुर से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनसे हथियार भी बरामद हुए।
विज्ञापन

डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर होता तो धारदार हथियार का पता चल जाता
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर हथियार लेकर लोग आ जा रहे हैं, जीआरपी और आरपीएफ न तो उन्हें ट्रेस कर पा रही है और न ही उनकी चेकिंग के उपकरण ही लगा पा रही है। स्टेशन के मुख्य द्वार पर पिछले वर्ष तक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगा हुआ था। लेकिन उसे हटा दिया गया। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर होता तो धारदार हथियार लेकर प्लेटफार्म तक पहुंचने वाले लोगों का पता चल सकता था।
बदमाश वारदात कर गए, लकीरपीट रही पुलिस
मदुरई-देहरादून सुपरफास्ट मेंडकैती के मामले में पुलिस रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज ही खंगाल रही है। 32 सीसीटीवी में से सिर्फ 16 सीसीटी ही काम कर रहे हैं। उनकी गुणवत्ता भी काफी खराब है। ऐसे में यात्रियों की भीड़ के बीच बदमाशों को पहचान पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
विज्ञापन

कई ट्रेनों मेें नहीं रहते सुरक्षाकर्मी
मदुरई-देहरादून एक्सप्रेस में डकैती की वारदात को बदमाशों ने सुरक्षाकर्मी न होने के कारण आसानी से अंजाम दे दिया। लेकिन सहारनपुर से होकर जाने वाली 30 से भी अधिक ट्रेनें ऐसी हैं, जिनमें रात में सुरक्षाकर्मी नहीं रहते। उनके यात्रियों की सुरक्षा रामभरोसे रहती है। जुलाई में जगाधरी में हुई पाटलीपुत्र एक्सप्रेस में लूट की वारदात को बदमाशों ने इसी का फायदा उठाकर अंजाम दिया था। उस ट्रेन के सुरक्षाकर्मी भी अंबाला में ही उतर गए थे। वहां से ट्रेन बिना सुरक्षाकर्मियों की ही चल रही थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें