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उस्ताद-ए-हदीस मौलाना अब्दुल रशीद बस्तवी का इंतकाल

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देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह के उस्ताद-ए-हदीस मौलाना अब्दुल रशीद बस्तवी का बृहस्पतिवार रात्रि अचानक ह्रदय गति रुकने से इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल से इस्लामिक हल्कों में शोक की लहर दौड़ गई।
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मूलरूप से बस्ती के रहने वाले मौलाना अब्दुल रशीद (52) विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम समेत कई दीनी इदारों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह ईदगाह रोड स्थित मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह में बतौर उस्ताद-ए-हदीस अपनी सेवाएं दे रहे थे और पत्नी व बच्चों के साथ दारुल उलूम वक्फ के समीप कालोनी में रह रहे थे। सादा मिजाजी और कड़े अनुशासन के चलते मदरसा छात्र उनकी जितनी इज्जत करते थे उतना ही उसने डरते भी थे। पिछले काफी दिनों से अब्दुल रशीद डायबिटीज व लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। बृहस्पतिवार को उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। जिसके चलते उन्हें नगर में एक चिकित्सक के यहां दिखाया गया। जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हो गया। लेकिन शाम के समय फिर से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उपचार के लिए उन्हें मेरठ ले जाया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मौलाना अब्दुल रशीद की मौत की खबर मिलते ही इस्लामिक हल्कों में शोक की लहर दौड़ गई और देखते ही देखते उनके आवास पर उस्तादों और मदरसा छात्रों को तांता लग गया। शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद दारुल उलूम की आहत-ए-मोलसरी में दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने उनकी नमाज-ए-जनाजा अदा कराई। जिसके उपरांत उन्हें मजार-ए-कासमी में सुपूर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में मदरसा छात्रों की भारी भीड़ रही। मौलाना रशीद के इंतकाल पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी, मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी कश्मीरी, मौलाना अब्दुल खालिक संभली, अशरफ उस्मानी, मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना इस्लाम कासमी, जहीन अहमद, मुफ्ती मोहम्मद उल्लाह, मुफ्ती अहसान कासमी आदि उलमा ने दुख का इजहार किया है।
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