सहारनपुर। मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेश को जहां भाजपा ने न्याय के लिए उठाया गया ऐतिहासिक कदम बताया वहीं विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ बुनियादी समस्याओं और अपनी सरकार की विफलताओं को छिपाने की कवायद करार दिया। विपक्षी दलों का कहना है कि यह भाजपा की केंद्र सरकार का चुनावी स्टंट है।
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तीन तलाक पर केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाया गया अध्यादेश मुस्लिम महिलाओं के हित के बजाए चुनावी स्टंट है। मोदी सरकार देश के लोगों का उनकी बुनियादी समस्याओं सेध्यान हटाना चाहती है। मोदी सरकार लगातार बढ़ रही पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों, महंगाई, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने और अपनी विफलता को छिपाना चाहती है।
-चौधरी रूद्रसेन, जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी।
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भाजपा सरकार केवल मुस्लिम महिलाओं के पक्षधर होने का ढोंग रच रही है। तीन तलाक पर अध्यादेश लाने वाली मोदी सरकार राम मंदिर और धारा 370 पर अध्यादेश क्यों नहीं लाती, इनके बारे में क्यों कहती है कि मामला कोर्ट में है। यह देश की जनता का मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उठाया गया कदम है।
---राव कैसर सलीम, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय लोकदल।
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कांग्रेस तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेश के पक्ष में है, लेकिन इसमें गुजारा भत्ता से लेकर अन्य चीजें भी शामिल होनी चाहिए। जिसके बारे में कांग्रेस पहले भी कह चुकी है।
-शशी वालिया, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
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तीन तलाक का मामला आस्था से जुड़ा हुआ है। इस पर हम अपने उलमा की राय से सहमत हैं। इस मामले पर मजहबी आस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए।
-तसमीम बानो, अध्यक्ष, जिला पंचायत।