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वाल्मीकि बस्ती में जलभराव से ग्रामीण घर से बेघर

Meerut Bureau Updated Thu, 13 Sep 2018 12:33 AM IST
अंबेहटा (सहारनपुर)। रणदेवा गांव में पानी निकासी का प्रबंध ठीक से नहीं होने की वजह से गांव की वाल्मीकि बस्ती में पानी भरा हुआ है। हालात यह है कि बस्ती के कुछ परिवारों ने गांव के बारात घर में आसरा ले रखा है। ग्रामीणों ने पानी निकासी का प्रबंध ठीक कराने की मांग की है।
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नकुड़ ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाला रणदेवा गांव प्यारे जी महाराज का मंदिर स्थित होने की वजह से दूर दराज तक प्रसिद्ध है। गांव में प्रतिवर्ष प्यारे जी महाराज की याद में ऐतिहासिक मेला लगता है जिसमें कई प्रांतों के लोग आकर मन्नतें मांगते हैं। गांव की वाल्मीकि बस्ती जलभराव होने के कारण बस्ती के लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बस्ती के यशपाल सिंह, बिजेंद्र, सोहनलाल, संदीप, चंद्रपाल सिंह, कंवरपाल, नानक चंद, राकेश कुमार, महीपाल, मेनपाल सिंह, अनिल आदि ने बताया कि गांव की वाल्मीकि बस्ती में हर समय गंदा पानी भरा रहता है, जिस कारण बस्ती में संक्रामक रोगों के फैलने की संभावनाएं बनी रहती है। लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में जलभराव की यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है। जिस कारण पूरी बस्ती का संपर्क गांव से कट जाता है। जलभराव के विकराल रूप के कारण बस्ती मे रहने वाले यशपाल सिंह व बिजेंद्र के परिवार ने गांव के बाहर बने बारात घर में आसरा ले रखा है। यशपाल व बिजेंद्र के परिवार के लोगों ने बताया कि वे लोग करीब डेढ़ माह से बारात घर में ही रह रहे हैं, क्योंकि बस्ती में गंदा पानी भरा हुआ है। बरसात के दिनों मेें पानी बस्ती वालों के मकानों में घुस जाता है जिससे घरेलू सामान का नुकसान होता है। लोगों ने गांव से जलनिकासी का उचित प्रबंध कराने की मांग की है। इस विषय में ग्राम प्रधान कविता देवी ने बताया कि गांव में तीन तालाब है जिन पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इस वजह से गांव में जलभराव का संकट पैदा हुआ। बताया कि कई बार ग्रामीणों से अतिक्रमण हटाने का आग्रह करने व अधिकारियों से शिकायत करने पर भी तालाब अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सके। ग्राम पंचायत ने सबमर्सिबल की मदद से कई बार बस्ती से पानी की निकासी कराई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि समस्या का स्थाई समाधान तालाबों का अतिक्रमण मुक्त होना है।

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