देवबंद (सहारनपुर)। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन व इंडियन शिया अवामी लीग के अध्यक्ष सैय्यद वसीम रिजवी के बयान की मंदिर को तोड़कर गुंबद बनाने से कोई इमारत मस्जिद नहीं बन जाती है पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि रिजवी का दिमागी संतुलन बिगड़ चुका है और उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है।
मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी का कहना है कि इससे पहले भी वसीम रिजवी इस तरह के बयान दे चुके हैं। बार बार एक ही बयान देने से साफ है कि वो अपना दिमागी संतुलन खो चुके हैं और उन्हें इलाज की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुगल शासकों के हिंदुओं पर अत्याचार होने का इतिहास में कहीं कोई जिक्र नहीं है। सच्चाई तो यह है कि मुगल शासकों ने हमेशा हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान की, जो आज भी तारीख के पन्नों में दर्ज है। मुफ्ती तारिक ने कहा कि बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि के विवाद में वसीम रिजवी जितनी चाहे गलत बयानबाजी कर लें, लेकिन यह भी साफ है कि योगी सरकार में वसीम रिजवी का जेल जाना तय है। उन्होंने रिजवी को सलाह देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में अपने दिमाग को ठंडा रखें और किसी अच्छे चिकित्सक से अपना इलाज कराएं। मौलाना सगीर कासमी ने भी वसीम रिजवी के बयान को महज सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाला बयान बताते हुए सरकार से उनकी जांच कराए जाने की मांग की है।