फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेटली की पोटली से किसानों पर हुई सौगातों की बरसात

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट का फोकस किसानों और गांव देहात की ओर अधिक रहा। किसानों के लिए फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई तो उनके उत्पादों की बिक्री को ग्रामीण बाजार के लिए ई-नेम बनाने का एलान किया गया है। जिससे किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य मिल सके। पशु पालकों के लिए भी क्रेडिट कार्ड दिए जाने की घोषणा की गई है, जबकि किसान नेताओं ने इस बजट को चुनावी बजट करार दिया।
विज्ञापन

वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बृहस्पतिवार को पेश किया गया आम बजट में किसानों को पूरी तरह से फोकस किया गया। फसलों से लेकर उनके लिए कृषि बाजार उपलब्ध कराने तक की घोषणा की गई है। जेटली की पोटली से किसानों के लिए सबसे बड़ी घोषणा सभी फसलों का समर्थन मूल्य दिए जाने की रही। साथ ही किसानों को खरीफ की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1.5 गुना बढ़ाए जाने का भी एलान किया गया। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए ग्रामीण कृषि बाजार, राष्ट्रीय कृषि बाजार ई-नेम योजना को बढ़ावा दिया गया। कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए बजट जारी किए जाने की घोषणा की गई। मेगा फूड पार्क बनाने का ऐलान किया गया। इससे सहारनपुर के किसानों को लाभ होगा।
गांवों में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों और मछुआरों को भी क्रेडिट कार्ड दिए जाने का एलान किया गया। जिससे बैंक ऋण के माध्यम से लोग अपना रोजगार कर सकें। गांवों में हाट बाजार बनाए जाने की भी घोषणा की।
विज्ञापन

सहारनपुर में आलू, प्याज, टमाटर का उत्पादन काफी कम हो रहा है। आलू का उत्पादन न के बराबर है। ऐसे में बजट में किए गए आपरेशन ग्रीन योजना का एलान किया गया है। किसानों को फल, सब्जी उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही फल सब्जी के जो उत्पादक हैं उनको भी लाभ मिलेगा। बजट में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया गया, साथ ही महिला समूहों को भी प्रोत्साहित किया गया है।
गांवों के लोगों को रिझाने के लिए बजट में सौभाग्य योजना के तहत हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। गांवों के इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के लिए बिजली, पानी, सड़क एवं अन्य संसाधनों पर जोर दिया गया।
सिर्फ चुनावी बजट
किसान नेता एवं रालोद के प्रदेया महासचिव चौधरी धीर सिंह का कहना है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर किसानों को लुभाने के लिए इस प्रकार का बजट दिया गया है। जो पूरी तरह से हवा हवाई है। इस चुनावी बजट से किसानों को कुछ नहीं मिल पाएगा।
युवाओं को खेती के लिए प्रेरित करने के लिए बनानी थी योजना
किसान नेता भगत सिंह वर्मा का कहना है कि खेती तेजी से घटती जा रही है। लोग खेती छोड़ रहे हैं। बजट में घोषणाएं तो बहुत रहीं, लेकिन युवाओं को खेती के लिए प्रेरित करने की कोई योजना नहीं बनाई। किसानों को तो समर्थन मूल्य की घोषणा की गई, लेकिन आज तक लाभकारी मूल्य तो दूर लागत मूल्य भी किसान को नहीं मिल पाया। किसानों के लिए राष्ट्रीय किसान आय आयोग का गठन ही नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें