खा ले बाजरे की रोटी भोलेनाथ, भांग पीनी भूल जाएगा
सहारनपुर। भोले की भक्ति में पूरा सहारनपुर रम चुका है। हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों की सेवा में सहारनपुर के लोगों ने पूरी भक्ति दिखा दी है। सेवा के लिए लगाए गए शिविरों में कांवड़ियों के लिए स्वादिष्ट व्यंजनों की होड़ लगी हुई है। किसी शिविर में दूध जलेबी से तो किसी में ब्रेड पकौड़े और छोले भटूरे से नाश्ता दिया जा रहा है, जबकि डिनर में मटर पनीर, खीर पूरी परोसी जा रही है। वहीं शिविरों में भोलेनाथ के भजनों पर कांवड़िए मस्ती में झूम रहे हैं।
कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए शिविरों में शिविर संचालक धर्मलाभ लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। भोले की भक्ति में जितने कांवड़िए रमे हुए हैं, उतने ही शिविर संचालक और सेवादार कांवड़ियों की सेवा में लगे हैं। कांवड़ियों के लिए एक से बढ़कर एक स्वादिष्ट व्यंजन परोसे जा रहे हैं। एक से बढ़कर एक मेन्यू की शिविरों में होड़ लगी हुई है। देहरादून रोड पर लगे एक शिविर में कांवड़ियों को सुबह नाश्ते में दूध, जलेबी, ब्रेड-मक्खन, रस और ब्रेड पकौड़ा परोसा जा रहा है। लंच में दाल चावल, पेठे की सब्जी, आलू-पूरी, खीर दी जा रही है। शाम को लगभग चार बजे स्नैक्स दिए जा रहे हैं जिसमें बेसन का चीला, आलू की टिक्की, पापड़ी, चाट दी जा रही है। डिनर में छोले चावल, पूरी, पेठे की, पनीर की सब्जी, तवे की रोटी, तंदूर की रोटी दी जा रही है।
अंबाला रोड पर लगे शिविर के संचालक दिनेश सेठी ने बताया कि सुबह नाश्ते में कांवड़ियों के लिए छोले भटूरे, दलिया, ब्रेड पकौड़े दिए जा रहे हैं। दोपहर को कांवड़ियों को प्रसाद के रूप में मटर-पनीर, राजमा-चावल, लौकी के कोफ्ते दिए जा रहे हैं। शाम को लगभग 4 बजे से भल्ला-टिक्की, गोलगप्पे, ब्रेड पकौड़े दिए जा रहे हैं और रात के खाने में हरी सब्जी, आलू-शिमला मिर्च, मीठा पेठा, आलू-पूरी, तवे की रोटी कांवड़ियों की सेवा में दी जा रही है। देहरादून रोड पर लगे अन्य शिविरों में सूजी का हलवा, सांमक की खीर, रीयल जूस, कोल्ड ड्रिंक, पिज्जा, सब्जी पूरी, रोटी, मटर-पनीर की सब्जी, पेठे की सब्जी, मिक्स सब्जी समेत विभिन्न प्रकार के व्यंजन ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर एवं शाम के समय दिए जा रहे हैं। कांवड़ियों के लिए आराम करने, नहाने एवं उपचार की भी शिविरों में व्यवस्था की गई है।