सहारनपुर। गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने के लिए गन्ना विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए जहां गन्ना विकास समितियों के सदस्यों का सत्यापन कराया गया है, वहीं नियंत्रण के लिए जिले के पांच एसडीएम की अध्यक्षता में टीम का गठन किया है। यह टीमें गन्ना विकास समितियों से लेकर क्रय केंद्रों और शुगर मिलों तक का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगी।
पेराई सत्र के सुचारु रूप से संचालन के बाद गन्ना विभाग ने गन्ना माफिया पर अंकुश लगाने के सक्रिय हो गया है। इसके लिए गन्ना विभाग ने गन्ना समिति के सदस्यों का सत्यापन कराया है। इसमें फर्जी, डबल और भूमिहीन सदस्यों को चिह्नित कराया गया है। चिह्नित किए गए फर्जी सदस्यों का सट्टा बंद करा दिया गया है। जिले में ऐसे 796 सदस्य चिह्नित हुए हैं। जबकि जिले की पांचों गन्ना समितियों में 157595 सदस्य हैं। इसमें से गन्ना आपूर्ति करने वाले सदस्यों की संख्या 146673 है। साथ ही जिले की पांचों तहसीलों में वहां के उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है। जो लगातार गन्ना विकास समिति, गन्ना क्रय केंद्रों से लेकर शुगर मिल तक का औचक निरीक्षण कर रही हैं।
जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक कोई गन्ना माफिया चिह्नित नहीं हुआ है। विभाग और एसडीएम के नेतृत्व वाली टीमें लगातार इस पर अंकुश लगाने की कार्रवाई कर रही हैं। जनपद में किसी भी सूरत में गन्ना माफिया को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
गन्ना विकास समितियों में सदस्यों के सत्यापन की स्थिति
समिति---------फर्जी---------- डबल--------भूमिहीन
सहारनपुर-------03------------88-------------257
देवबंद-----------00------------06---------------22
सरसावा---------00------------00--------------211
नानौता---------00------------46----------------23
बेहट------------00-------------68---------------72
गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक