देवबंद (सहारनपुर)। एआईयूडीएफ के अध्यक्ष व सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने हवाला प्रकरण पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्व विधायक माविया अली की ब्लैकमेलिंग का ऑडियो समय पर सामने लाएंगे। जिसके बाद मामला पूरी तरह साफ हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि माविया अली साजिश के तहत उनके पुतले फुंकवाकर हिंदू मुस्लिम एकता की नगरी का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
शुक्रवार को जारी बयान में मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि माविया अली बनाई गई वीडियो के जरिए डरा धमकाकर उनकी जमीन को हड़पने का प्रयास कर रहे हैं और साजिश के तहत समाचार पत्रों में हवाला कारोबार की खबरें प्रकाशित करा रहे हैं और उनके पुतले फुंकवा रहे हैं। इतना ही नहीं किसी को उन पर शक न हो इसलिए उन्होंने अपना पुतला भी फुंकवा दिया। उन्होंने कहा कि उनके ब्लैकमेलिंग का ऑडियो समय आने पर सामने लाया जाएगा जिसके बाद माविया अली का असली चेहरा सबके सामने आ जाएगा। आरोप लगाया कि पूर्व विधायक अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए इस हद तक गिर चुके हैं कि वह दारुल उलूम का नाम बदनाम करने पर तुले हुए हैं । मौलाना बदरुद्दीन ने सवाल उठाया कि माविया अली के कहे के मुताबिक उन्होंने 14 अगस्त को पैसे दिए हैं अगर ऐसा है तो फिर इससे पूर्व हुई 5-6 मुलाकातों की उन्होंने वीडियो क्यों बनाई और अगर पैसा दिया है तो उन्हें क्यों नहीं बताया गया। क्या इतनी बड़ी रकम देकर कोई चुप बैठ सकता है। इतना बड़ा सौदा होने के बाद भी माविया अली पर मेरा मोबाइल नंबर क्यों नहीं है। माविया अली द्वारा हवाला कारोबार की अफवाहें उड़वाई जा रही हैं जबकि उनका 27 मुल्कों में कारोबार है तो उन्हें हवाला के जरिये पैसा लेना की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि वीडियो का डर दिखाकर वह जमीन को हड़पना चाहते हैं।
बदरुद्दीन-माविया प्रकरण से मदरसा छात्रों में रोष
देवबंद। मौलाना बदरुद्दीन अजमल और पूर्व विधायक माविया अली के बीच चल रहे जमीनी विवाद में दारुल उलूम का नाम घसीटे जाने को लेकर मदरसा छात्रों में रोष बना हुआ है।
प्रकरण को लेकर दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल के पुतले फूंकने और इसमें दारुल उलूम के नाम को घसीटे जाने पर मदरसा छात्रों ने नाराजगी बनी हुई है। मदरसा छात्र अब्दुल रहमान बस्तवी, मेराज आसामी, हयातुल्लाह बहराइची आदि छात्रों का कहना है कि विवाद दो लोगों के बीच है इसमें किसी ओर को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। जिस तरह से दारुल उलूम को बदनाम किया जा रहा है और मजलिस-ए-शूरा के सदस्य के पुतले फूंके जा रहे हैं उसको किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि यह सब साजिश के तहत किया जा रहा है। ताकि दारुल उलूम को बदनाम किया जा सके।