सहारनपुर। किसान क्रेडिट कार्ड धारक किसानों में रुपे कार्ड का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते जनपद में जून से अब तक 51019 किसानों ने विभिन्न बैंकों से रुपे कार्ड बनवाए हैं। इनमें से 45251 रुपे कार्डों को एक्टिव कर दिया गया है। जबकि इस दौरान 2519 नए केसीसी कार्ड भी बनवाए गए हैं।
जिले में किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के बीच रुपे कार्ड की लोकप्रियता बढ़ रही है। यही कारण है कि रुपे कार्ड धारकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आमतौर पर किसान खेती में निवेश करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कृषि ऋण लेते हैं। बार बार की कागजी प्रक्रिया से बचने के लिए किसान केसीसी से लिए गए लोन की पूरी राशि को एक ही बार में निकाल लेते हैं। जिससे पूरी धनराशि पर ब्याज लगना शुरू हो जाता है। किसानों को अधिक ब्याज से बचाने के लिए बैंकों ने नाबार्ड के सहयोग से रुपे कार्ड मुहैया कराए हैं। इसके माध्यम से किसान अपनी ऋण सीमा तक की धनराशि को अपने आवश्यकता के अनुसार निकाल सकता है। इससे जहां बार बार की कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी वहीं किसान जितना पैसा निकालेगा उसी पर ब्याज देना होगा। जनपद में दो लाख 60 हजार केसीसी धारक किसानों में से एक लाख 50 हजार के पास रूपे कार्ड थे। जून से चलाए गए अभियान में बैंकों ने 51019 किसानों के ओर रूपे कार्ड बनाए जा चुके हैं। जबकि इस अवधि में 2519 नए केसीसी भी बनाए गए हैं।
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रुपे कार्ड किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है। जिले में जून से अब तक विभिन्न बैंक 51019 नए रुपे कार्ड बना चुके हैं। इनमें से 54251 कार्ड एक्टिवेट भी हो चुके हैं। इसी अवधि में 2519 केसीसी भी बनाए गए हैं। इसके माध्यम से किसान अपनी जरूरत के अनुसार केसीसी से धनराशि निकाल सकते हैं। रुपे कार्ड बनाने का अभियान जारी रहेगा।
-- डॉ. शैलेंद्र सिंह चौहान, जिला विकास अधिकारी नाबार्ड।