सहारनपुर। बिजली चोरी पकड़ने, असेसमेंट जारी करने एवं वसूली करने के मामले में सहारनपुर प्रदेश भर में अव्वल रहा है। छह माह की प्रदेश भर की हुई समीक्षा में सहारनपुर ने लखनऊ तक को पीछे छोड़ दिया है, जबकि अभी कार्रवाई जारी है। विद्युत निगम ने पहले तो बिजली के कनेक्शन जारी करने शुरू किए, उसके बाद छापामार कार्रवाई शुरू की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो अल सुबह छापामारी अभियान चलाया गया। जिससे पूरे शहर में खलबली मच गई। सिर्फ अप्रैल से 15 जुलाई के दौरान की गई 300 स्थानों पर रेड में लगभग 800 लोगों को बिजली चोरी के मामले में पकड़ लिया गया और न सिर्फ उन पर जुर्माना लगाया, बल्कि वसूली भी की गई। पांच सौ से अधिक पर एफआईआर कराई गई। विद्युत निगम द्वारा की गई समीक्षा में सहारनपुर 98 प्रतिशत असेसमेंट लगभग 40 प्रतिशत वसूली करने पर प्रदेश भर में अव्वल रहा है, जबकि दूसरे नंबर पर कानपुर केस्को 81.74 प्रतिशत, आजमगढ़ 81.11 प्रतिशत, लखनऊ 80.82 प्रतिशत तथा झांसी 78.61 प्रतिशत पर है। यही नहीं सहारनपुर में छह माह में शिविर के तहत कनेक्शन जारी किए जाने के मामले में भी अव्वल रहा है। जिन इलाकों में चोरी पकड़ी गईं उनमें शिविरों में तीन हजार से अधिक कनेक्शन जारी किए। जिनसे सिर्फ शहर में ही न्यूनतम 80 लाख रुपये प्रतिमाह विद्युत निगम की आय में वृद्धि हुई है। इस मामले में भी अधिकारी प्रदेश भर में अव्वल होने का दावा कर रहे हैं।
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-- चोरी रुकेगी तो बिजली सप्लाई बढ़ेगी
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रविंद्र कुमार गुप्ता का कहना है कि अल सुबह की गई छापामारी से बिजली चोरी अधिक पकड़ में आई। जिसके बाद लोगों ने कनेक्शन लेने शुरू किए। लोगों को नियमित कनेक्शन दिए जाने, जुर्माना लगाने एवं वसूली किए जाने के मामले में सहारनपुर पहले स्थान पर रहा है। बिजली चोरी रुकेगी तो सप्लाई भी बढ़ेगी। लोगों को अधिक बिजली उपलब्ध होगी।