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यमुना नदी के अधूरे पड़े पुल के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये स्वीकृत

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लखनौती (सहारनपुर)। पिछले दो साल से अधर में लटके निर्माणाधीन पुल की अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए शासन ने निर्माण कार्य पूरा करने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
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बता दें कि सरकार की सड़क के रास्ते राज्यों को जोड़ने वाली इंटर स्टेट कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत वर्ष 2010 में गंगोह थाना क्षेत्र के दौलतपुर घाट और हरियाणा के शेरगढ़ टापू घाट पुल का निर्माण शुरू किया गया था। पुल निर्माण की समयावधि 24 माह रखी गई थी, लेकिन पुल का निर्माण धीमी गति से शुरू होने से बजट बढ़ गया था। इससे लागत बढ़ती चली गई और 29.30 करोड़ के पुल का बजट बढ़कर 52.50 करोड़ रुपये हो गया। 80 प्रतिशत पूरे हो चुके पुल का निर्माण बजट के अभाव में गत दो वर्षों से अधर में लटका पड़ा था। इसकी फाइल केंद्र और राज्य सरकार के पालों में घूम रही थी। पिछले काफी समय से अमर उजाला पुल की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा था। अब जाकर शासन हरकत में आया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पुल का निर्माण पूरा कराने के लिए साढे़ तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के एई संजय सिंह ने बताया कि पुल निर्माण के लिए विभाग द्वारा साढे़ तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए गए है। पुल का निर्माण का कार्य प्लान तैयार कर लिया गया है। पुल पर बरसात से पहले जो कार्य हो सकता है। वह पूर्ण किया जाएगा। बाकी निर्माण बरसात के बाद होगा।
बजट मंजूर होते ही लोक निर्माण निर्माण विभाग के एक्सईएन सतपाल सिंह, एई संजय सिंह और नईम अहमद ने पुल का निर्माण कर रहे ठेकेदार बिजेंद्र सिंह के साथ यमुना खादर में निर्माणाधीन पुल का दौरा किया।
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पुल निर्माण शुरू होने पर भाकियू और ग्रामीणों ने जताया हर्ष
पुल के लिए बजट मिलने पर भाकियू नेता देशपाल चौधरी, सुलेखचंद, अरविंद कुमार, डा ओमपाल सिंह, सिकंदरपुर के ग्राम प्रधान देवेंद्र चौधरी, शम्मी चौधरी, जनेश्वर प्रसाद, लालू खान, अब्बास अली, पूर्व प्रधान करनैल सिंह, सुखदेव आदि ने हर्ष जताया है। कहा कि इससे क्षेत्रवासियों के साथ ही यात्रियों को भी फायदा होगा। क्योंकि पुल का निर्माण नहीं होने से उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में करीब 100 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती थी। इससे उन्हें जहां समय की बचत होगी, वहीं उनके पैसों की बर्बादी भी बचेगी।
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