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साहब खानापूर्ति से नहीं चलेगा काम, कड़ी कार्रवाई कीजिए...

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देवबंद (सहारनपुर)। पुलिस ने शुक्रवार को अभियान चलाकर नगर के स्कूली वाहनों की चेकिंग की। इस दौरान क्षमता से अधिक छात्रों को बिठाकर ले जा रहे बस चालकों को पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया। वहीं, चेकिंग की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों पर पुलिस ने रौब गालिब किया तथा पत्रकारों को गले में प्रेस कार्ड डालकर रखने की नसीहत दे डाली।
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बीते दिनों कुशीनगर में हुई दर्दनाक हादसे के बाद पूरे जनपद में स्कूली वाहनों की चेकिंग को अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर में भी स्थानीय पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाते हुए कई स्कूलों के वाहनों को चेक किया। जिसमें कई वाहनों में पुलिस को क्षमता से अधिक छात्र भरे हुए मिले। लेकिन पुलिस ने इन पर कार्रवाई करने के बजाए उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया। जिससे पुलिस की खानापूर्ति की पोल भी खुल गई। जबकि स्कूल स्वामी मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में मासूम बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें मिनी बसों के अलावा डग्गामार वाहनों में लाने ले जाने का कार्य कर रहे हैं। जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। उधर, चेकिंग अभियान की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों पर पुलिस ने खाकी का रौब गालिब कर दिया। इतना ही नहीं कारण पूछने पर उन्हें गले में प्रेस कार्ड लटका कर रखने की नसीहत भी दी गई। जिसके कुछ समय बाद ही पुलिस ने अभियान बंद करते हुए वाहनों चालकों को जाने दिया। बता दें लापरवाही के चलते स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाते समय नागल क्षेत्र में हुए हादसे में टैंपू में सवार तीन बच्चों की मौत हो गई थी। जबकि कई घायल हुए थे। लेकिन उसके बावजूद न तो स्कूल संचालक न ही शिभा विभाग और न ही पुलिस इसके प्रति गंभीर है। शुक्रवार को पुलिस ने महज खानापूर्ति के लिए चेकिंग अभियान चलाया था। वहीं, श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा, समाजसेवी डा. विश्वनाथ गौतम, व्यापारी नेता मनोज सिंघल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष तंजीम सिद्दीकी आदि ने स्कूलों की मनमर्जी, अधिक फीस वसूलने और वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर ले जाने पर रोष व्यक्त करते हुए उच्चाधिकारियों से इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है। ताकि बच्चें सुरक्षित घरों को पहुंच सकें।
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