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गन्ना मंत्री के जिले की मिलों पर सबसे अधिक बकाया

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सहारनपुर। प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद भी किसानों को बकाया भुुगतान पाने के लिए तरसना पड़ रहा है। मंडल की चीनी मिलों पर 1221.89 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। मजेदार बात यह है कि मंडल में गन्ना राज्यमंत्री के जिले की मिलों पर किसानों का सबसे अधिक बकाया है। किसान मिलों में गन्ना सप्लाई करने के बाद भी भुगतान के लिए तरस रहे हैं।
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विपक्ष में रहकर समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए संघर्ष करने वाली भाजपा की सरकार में भी किसानों को राहत नहीं मिल सकी है। इसके चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। मंडल के तीनों जिलों में 1221.89 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। खास बात यह है कि इसमें गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा के गृह जनपद की मिलों पर मंडल में सबसे अधिक बकाया है। गन्ना खरीद अधिनियम के तहत मिलों में गन्ना सप्लाई होने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करना होता है। इसके बाद भुगतान करने पर 15 प्रतिशत की दर से किसानों को ब्याज दिलाए जाने का प्रावधान है।
जिला बकाया लाख में
सहारनपुर 37358.24
मुजफ्फरनगर 41536.38
शामली 43294.84
गन्ना विभाग के 28 मार्च के आंकड़ों के अनुसार

गत वर्ष की तुलना में इस सीजन में अधिक भुगतान हुआ है। इस पेराई सत्र के पैसे से गत वर्ष के बकाए का भी भुगतान हुआ है। बकाएदार चीनी मिलों को नोटिस भेजे गए हैं। जल्द भुगतान के लिए मिलों पर दबाव बनाया गया है। उम्मीद है शुगर मिलें शीघ्र ही बकाया भुगतान करने में तेजी लाएंगी।
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- डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त सहारनपुर परिक्षेत्र।

भाजपा सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल साबित हो रही है। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। प्रदेश सरकार मिल मालिकों के खिलाफ सख्ती नहीं कर रही है। इसी के चलते किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो रहा है। गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए भाकियू आंदोलन करेगी।
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- चौधरी विनय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन।
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