सीवरेज सिस्टम और अतिक्रमण हटाने रहेगा चुनौती
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद प्रशासनिक अमला शहर के विकास की तैयारियों में जुट गया है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने दो दिन पहले ही अधिकारियों संग बैठक कर विकास पर मंथन किया। अधिकारियों को 15 दिन में डीपीआर बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद अधिकारी काम में जुट भी गए हैं, मगर कुछ काम ऐसे हैं, जिनको करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। साथ ही व्यवहारिक दिक्कतें भी आएगी।
नगर निगम ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के विकास का खाका तैयार कर लिया है। कमिश्नर के निर्देश पर अधिकारी तैयारियों को अमली जामा पहनाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। 15 दिन में डीपीआर बनाकर प्रस्तुत करना है। पहले चरण में बुनियादी जरूरतों पर काम होना है। देखा जाए तो कचरा और अतिक्रमण शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं। नगर निगम बनने के नौ वर्ष बाद भी प्रशासन कचरा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं कर सका है। शहर की तमाम छोटी और बड़ी सड़कों का 20 से 30 फीसदी हिस्सा अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है, जिसे हटाने में प्रशासन लगातार फेल होता आ रहा है। पिछले दिनों शुरू किया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान भी सफल नहीं हो सका। निगम की टीम आगे-आगे अतिक्रमण हटाती जाती और पीछे फिर से सड़क पर दुकानें सजती जातीं। नगर निगम के अधिकारी अभियान में पुलिस का सहयोग न मिलने के आरोप भी लगा रहे हैं। अब चूंकि शहर को स्मार्ट बनाना है तो जोखिम उठाने होंगे। मगर कुछ व्यवहारिक समस्याएं भी समाने आएंगी। सबसे बड़ी चुनौती सड़कों पर हुए सरकारी और गैर सरकारी स्थाई अतिक्रमण को हटाने की होगी। साथ ही सीवर लाइन डालने में उन इलाकों में समस्या आएगी, जो पुराने इलाके हैं, जिनमें दुपहिया वाहन भी मुश्किल से एंट्री कर पाते हैं।
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पहले चरण में इन बिंदुओं पर होगा काम
- कचरा प्रबंधन की व्यवस्था।
- सीवरेज सिस्टम को बेहतर बनाना।
- 50 साल के रिकार्ड के आधार पर सड़कों से सभी तरह का अतिक्रमण हटाना।
- सड़कों को दुरुस्त बनाना, जहां जरूरी वहां नई सड़कें बनाना।
- सड़कों पर डिवाइडर बनाना।
- क्षतिग्रस्त पुलिया और पुलों को दुरुस्त कराना नई पुलिया का निर्माण करना।
-पार्किंग की व्यवस्था करना।
-रेहड़ी और ठेलों के लिए वेंडिंग जोन बनाना।
- पार्कों का सुंदरीकरण करना।
-शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैया करना।
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सहारनपुर का चयन स्मार्ट सिटी योजना में होना शहर ही नहीं पूरे जनपदवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। अब यदि शहर को सुंदर और सुविधा संपन्न बनाना है तो आम आदमी को साथ आना होगा। अतिक्रमण हटाने में कुछ लोगों को थोड़ा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है मगर उन्हें फायदे भी अनेक होंगे। ऐसे में मेरी प्रत्येक व्यक्ति से अपील है कि वह शहर के विकास में प्रशासन को सहयोग करे।
संजीव वालिया, महापौर।
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत होने वाले कार्यों के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। शासन के आदेश औश्र योजना के अनुरूप काम कराना हमारी प्राथमिकता है। काम कराने में जो बाधाएं आएंगी उनसे निपटा जाएगा। रही बात अतिक्रमण हटाने की तो उसे लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। सड़कों पर रखे बिजली के ट्रांसफार्मर के साथ ही सड़कों पर बनी पुलिस चौकियां और थानों के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
दीपक अग्रवाल, कमिश्नर।