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ोजगार सेवकों ने 21 माह का बकाया मानदेय दिलाने की मांग की

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देवबंद (सहारनपुर)। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम व एसएसपी के समक्ष शिकायतों का अंबार लग गया। लेकिन अधिकारी मौके पर महज 7 शिकायतों का ही निस्तारण कर पाए। डीएम ने संबंधित विभागों के अधीनस्थ अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का निस्तारण करने के आदेश दिए।
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ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति ने डीएम पीके पांडेय को दी शिकायत में 21 माह का बकाया मानदेय दिलवाने की मांग की। बताया कि विकास खंडों में रोजगार सेवकों को मानव दिवस के आधार पर मानदेय दिया जा रहा है जो शासनादेश के विरुद्ध है। जबकि प्रशासनिक मद से सर्वप्रथम ग्राम रोजगार सेवकों को 6000 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की व्यवस्था है। अन्य जनपदों में रोजगार सेवकों को मानदेय शासनादेश के अनुसार दिया जा रहा है। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज ने श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला परिसर स्थित भगवान वाल्मीकि द्वार का पुन: निर्माण कराने की मांग की है। कहा कि सन 2001 में वाल्मीकि द्वार बनवाया गया था। इसे तत्कालीन चेयरमैन माविया अली द्वारा सड़क चौड़ीकरण के समय तोड़ा गया था। आश्वासन दिया था कि सड़क चौड़ीकरण उपरांत द्वार दोबारा बनवाया जाएगा। लेकिन उसके बाद नगर पालिका ने कोई सुध नहीं ली। नूनाबड़ी गांव के लोगों ने सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकान का प्रस्ताव कराने की मांग की है। बताया कि उनके गांव की दुकान को पांच किमी दूर भायला से अटैच कर दिया गया। जिस कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। पठानपुरा निवासी उस्मान खान, वाहिद खान, फरजंद खान व अहसान खान ने दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि जोहड़ की भूमि के खसरा नंबर-606 पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया है। जिसे कब्जामुक्त कराया जाए। डीएम पीके पांडेय ने एनजीटी की रोक के बाद किए जा रहे अवैध खनन पर सख्ती बरतने का आदेश दिया। तहसील दिवस में अधिकारियों के समय 45 शिकायतें पहुंचीं। इनमें से 7 शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका। एसएसपी बबलू कुमार ने विभागीय अधिकारियों को लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। इस मौके पर एसडीएम रामविलास यादव, तहसीलदार परमानंद झा, सीओ सिद्धार्थ सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

.....जब अधिकारियों पर भड़के विधायक
देवबंद। विधायक ब्रिजेश सिंह का पारा उस समय चढ़ गया है, जब अधिकारी साधारणपुर गांव की शिकायत पर ग्रामीणों को हड़का रहे थे। दूसरे प्रोटोकॉल के विपरीत उनकी कुर्सी को किनारे में रख दिया। अधिकारियों पर गुस्सा उतारने के बाद विधायक तहसील दिवस से बाहर निकल आए। इस पर एसडीएम, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों ने उनकी मान-मनोव्वल की तथा उन्हें सम्मानपर्वूक कुर्सी पर बिठाया।
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