सहारनपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने पुलिस और प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाया है। आरोप है कि सड़क दूधली प्रकरण में सांसद राघव लखनपाल को बचाया जा रहा है, जबकि उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाली भीम आर्मी और उसके संस्थापक को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है।
इमरान ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी के नाम पर दलितों का उत्पीड़न करने का काम सरकार और उसके मुलाजिम कर रहे हैं। भीम आर्मी को सामाजिक संगठन बताते हुए कहा कि पुलिस कभी उसे नक्सली संगठन करार दे रही है तो कभी आतंकवादी कहा जा रहा है। यदि ऐसे कोई सुबूत पुलिस और प्रशासन के पास हैं तो पेश करें। आरोप लगाया कि सड़क दूधली प्रकरण में सांसद के भाई के खिलाफ केवल गैर जमानती वारंट जारी किए जाते हैं, जबकि चंद्रशेखर और उसके साथियों पर ईनाम घोषित किया जाता है। आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सत्ता के दबाव में है। इसीलिए सड़क दूधली प्रकरण में सांसद को बचाया जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रकरण में बसपा की नीति की भी निंदा की। पुलिस और प्रशासन से सभी घटनाओं में निष्पक्षता के साथ दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। अन्यथा की स्थिति में रमजान के बाद आंदोलन करने की चेतावनी दी।
भीम आर्मी पदाधिकारियों को टारगेट करने और सांसद को बचाने का आरोप लगाया