महाराणा प्रताप भवन में ही होगा जयंती का कार्यक्रम
सहारनपुर। महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के लिए काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार प्रशासन ने मल्हीपुर रोड पर स्थित नवनिर्मित महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दे दी। पुलिस एवं प्रशासन ने राजपूत समाज के पदाधिकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम आयोजन किए जाने के निर्देश दिए। बुधवार को जिले भर में जयंती को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना पुलिस प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
महाराणा प्रताप जयंती के कार्यक्रम की अनुमति दिए जाने को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी अभी तक निर्णय नहीं ले पा रहे थे। भीम आर्मी की चेतावनी और राजपूत समाज की जिद ने अधिकारियों की परेशानी को और भी बढ़ा दिया था। राजपूत समाज के लोग मल्हीपुर रोड स्थित नवनिर्मित महाराणा प्रताप भवन में ही कार्यक्रम के आयोजन किए जाने की अनुमति दिए जाने की मांग कर रहे थे जबकि पुलिस एवं प्रशासन तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए यहां कार्यक्रम किए जाने की अनुमति नहीं दे रहा था।
सोमवार से लगातार इस मुद्दे को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी राजपूत समाज के लोगों के साथ लगातार बैठक कर रहे थे। देर रात तक मंथन चलता रहा। आखिरकार तीसरी बार राजपूत समाज के लोगों द्वारा अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर सुबह अनुमति प्रदान कर दी गई।
जिला राजपूत सभा के पदाधिकारी देवबंद विधायक ब्रजेश सिंह के साथ लोग सुबह पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मिले। काफी देर तक वार्ता के बाद अधिकारियों ने अनुमति प्रदान कर दी। पुलिस अधीक्षक नगर प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि मल्हीपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में जयंती कार्यक्रम किए जाने की अनुमति दी गई है। कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा।
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--। कड़ी सुरक्षा के इंतजाम
भीम आर्मी की चेतावनी के बाद महाराणा प्रताप जयंती को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिले भर में जयंती कार्यक्रमों के आयोजन वाले स्थानों पर पुलिस तैनात कर दी गई है। मल्हीपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में आयोजित कार्यक्रम को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पांच कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरआरएफ को लगाया है। साथ ही 500 कांस्टेबलों के साथ सभी अधिकारियों को तैनात किया गया है। खुफिया विभाग भी अलग-अलग क्षेत्र में तैनात किया गया है।
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प्रशासन ने समानता नहीं दिखाई : भीम आर्मी
भीम आर्मी ने अनुमति दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया का आरोप है कि प्रशासन ने समानता नहीं दिखाई है। भीम आर्मी महापुरुषों के जयंती कार्यक्रमों के विरोध में नहीं है। लेकिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती कार्यक्रम के लिए कई जगह अनुमति नहीं दी गई थी। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। साथ ही तनाव वाले क्षेत्रों में जुलूस अथवा शोभायात्रा न निकाले जाने की मांग की थी।