देवबंद (सहारनपुर)। जमीअत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने झारखंड में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर लगाई गई पाबंदी पर ऐतराज जताते हुए कहा है कि आतंकवाद का इलजाम कोई मजाक नहीं है। बिना किसी सबूत के आतंकवादी संस्था के कटघरे में खड़ा कर संगठन पर प्रतिबंध लगाना सरासर निंदनीय है।
मंगलवार को मौलाना महमूद मदनी ने यहां कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पूरे देश की संयुक्त लड़ाई है। इसलिए सरकार का फर्ज बनता है कि वो आतंकवादी गतिविधियों के मामले में पूरी तरह से संवेदनशीलता इख्तियार करे और सख्त कदम उठाने से परहेज न करे। लेकिन ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे किसी विशेष के समुदाय इंतकाम की कार्रवाई साबित हो। वरना इससे कमजोर वर्गों में उत्पीड़न की भावना पैदा हो जाएगी। मौलाना मदनी ने कहा कि झारखंड में गाय की सुरक्षा के नाम पर बेकसूर लोगों का कत्लेआम किए जाने के सबसे अधिक मामले प्रकाश में आ रहे हैं। इसके अलावा बहुसंख्यक समुदाय से संबंध रखने वाले बहुत सारे संगठन जो भड़काओ और लोगों में नफरत पैदा करने वाले बयान देते रहते हैं, सरकार ने इनके खिलाफ आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जबकि बिना सबूत एक सामाजिक संस्था को आतंकवादी संस्था के कटघरे में खड़ा कर दिया गया। मौलाना मदनी ने सवाल किया कि जनता को ये मालूम होना चाहिए कि इस कार्रवाई की कोई ठोस बुनियाद है?। वरना इस तरह पाबंदी लगाना पूरी तरह से असंवैधानिक और गैर कानूनी है। इसके अलावा सरकार की इस कार्रवाई से उसकी नीयत और इंसाफ पसंदी पर भी सवालिया निशान लगता है। बता दें कि झारखंड सरकार ने पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएस) से संबंध होने के आरोप में पाबंदी लगाई है।