देवबंद (सहारनपुर)। शौहर के लंबे समय तक बाहर रहने पर बीवी का किसी दूसरे मर्द से संबंध बनाने वाले पाकिस्तान के शहर कराची के एक मदरसे से आए अजीबो गरीब फतवे को लेकर देवबंदी उलमा ने हैरत जताई है। उलमा का कहना है कि ऐसा फतवा देने वाले लोग इस्लाम से खारिज हैं और इसमें कोई गुंजाइश भी नहीं बचती।
पाकिस्तान की एक महिला ने कराची के मुफ्तियों से सवाल किया था कि उसका पति लंबे समय के लिए बाहर रहता है तो क्या ऐसी सूरत में वो किसी दूसरे मर्द से रिश्ता बना सकती है। मुफ्तियों ने सवाल पर महिला के हक में फैसला सुनाया है। फतवे पर देवबंदी मौलाना मुफ्ती आदम खान कासमी का कहना है कि इस तरह के फतवे देने वाले इस्लाम से खारिज हैं और इसमें किसी भी तरह की गुंजाइश का मामला शरीयत में नहीं बचता है। कहा कि शरई तौर पर बीवी सिर्फ अपने शौहर के साथ ही संबंध बना सकती है। इसके अलावा किसी गैर मर्द, गैर महरम के साथ उसका उठना बैठना या संबंध बनाना सख्त गुनाह है। उन्होंने कहा कि औरत के लिए लाजिमी है कि वो अपनी आवाज भी किसी गैर मर्द को न सुनाए। इसके अलावा शौहर के भाईयों या उसके तमाम रिश्तेदारों से भी उसका पर्दा जायज है। मुफ्ती आदम का कहना है कि महिला का मर्द को या मर्द का औरत को गलत निगाह से देखना इस्लाम में बड़ा गुनाह मना गया है। जिससे बचने की मर्द और औरत को सख्त हिदायत भी दी गई। साथ ही कहा कि शरीयत में शौहर की गैर मौजूदगी में औरत को अपनी नफस (जज्बात) पर काबू रखने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि शौहर की गैर मौजूदगी में किसी गैर मर्द के साथ संबंध बनाती है तो उस पर अल्लाह की तरफ से बड़ा अजाब नाजिल होगा। इसी तरह मर्दों के लिए भी यह हुक्म है कि वो ज्यादा दिनों तक बीवियों से दूर न रहें। वरना वो भी अल्लाह की सजा के हकदार होंगे।