सहारनपुर। विश्वकर्मा महासभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को रविवार को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से स्वामी भीष्म विश्वकर्मा भवन बनाने की घोषणा भी की गई। वक्ताओं ने विश्वकर्मा समाज की एकता और प्रगति का संकल्प दोहराया।
रविवार को दिल्ली रोड स्थित स्वामी कल्याण देव विश्वकर्मा महिला डिग्री कालेज में आयोजित शपथ ग्रहण और शिलान्यास कार्यक्रम में भगवत पीठ शुक्रताल से पधारे स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के रचयिता और शिल्पकला के प्रवर्तक थे। विश्व भर में तकनीकी ज्ञान से विकसित औद्योगिक विकास में विश्वकर्मा समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। सत्य, न्याय, नैतिकता और आदर्श मूल्य विश्वकर्मा वंश की अमूल्य निधि हैं। शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याणदेव, क्रांतिकारी स्वामी भीष्म, स्वामी रामसुखदास जैसे महान संतों ने निष्काम भाव से मानवमात्र की सेवा की है।
प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री डॉ. धर्मसिंह सैनी ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की गरिमा, ईमानदारी और सरलता अन्य समाजों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि संगठित होने से ही समाज का आत्मबल बढ़ता है। भाजपा के प्रांतीय उपाध्यक्ष जसवंत सैनी ने कहा कि विश्वकर्मा समाज सहयोगी और सद्भाव का पक्षधर रहा है। विधायक देवेंद्र निम ने कहा कि यह संस्था बेटियों को संस्कारित और उच्च शिक्षित बनाएगी। विधायक ब्रिजेश सिंह ने कहा कि राजनीति में विश्वकर्मा समाज को भागेदारी मिलनी चाहिए। गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि विश्वकर्मा महासभा ने गांव गांव में समाज को जागरूक किया है। पूर्व विधायक राजीव गुंबर ने कहा कि विश्वकर्मा समाज ने अपने शिल्प, कला और ज्ञान से देश की सच्ची सेवा की है। अखिल भारतीय पांचाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश पांचाल ने कहा कि शिक्षा का दान सबसे बड़ा दान होता है। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित महापौर संजीव वालिया का महासभा की ओर से अभिनंदन किया गया। मानवीर सिंह पुुंडीर, बिजेंद्र कश्यप, आचार्य गुरुदत्त आर्य, ओमदत्त आर्य, रघुवीर सिंह आर्य, राधेश्याम जांगिड, रमेशचंद विश्वकर्मा आदि ने विचार रखे।
कार्यक्रम में कार्यकारिणी के नए अध्यक्ष राकेश पांचाल विश्वकर्मा, महासचिव सुरेंद्र धीमान, अनिल धीमान, मांगेराम आर्य, रामकिशन, सुरेंद्र और कोषाध्यक्ष हर्ष जांगिड आदि पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। जयपाल सिंह धीमान, जनेश्वर आर्य, अनिल धीमान, सुशील धीमान, गौरव धीमान, भोपाल पांचाल, मदनलाल धीमान, राकेश धीमान, कृष्णलाल, अनूप धीमान, अंकित धीमान, नरेश पांचाल, संजय धीमान, विनोद धीमान, पुरुषोत्तम धीमान, सुंदरलाल जांगिड, सहेंद्र धीमान, तेजपाल धीमान, बुलचंद धीमान, राजकुमार धीमान आदि रहे।