सहारनपुर। निकाय चुनाव की समीक्षा के लिए गाजियाबाद में होने वाली बैठक को लेकर भाजपाइयों की सांसें अटकी हुई हैं। क्योंकि, बैठक में निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को मिले वोट को लेकर मंथन होगा। इस बैठक के बाद जिला व महानगर कार्यकारिणी में बदलाव होना तय माना जा रहा है।
निकाय चुनाव में सहारनपुर नगर निगम सीट पर भाजपा उम्मीदवार हारते-हारते बचा है। मात्र दो हजार वोटों से ही भाजपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव में शहर सीट भाजपा हार गई थी। नगर निगम चुनाव में मतदान अधिक हुआ और विधानसभा चुनाव के मुकाबले पार्टी प्रत्याशी को 600 वोट कम मिले। इस बात को लेकर भाजपा की धन्यवाद बैठक में सोमवार को हंगामा हुआ था। इससे पूर्व भी भाजपा में चल रही गुटबाजी को लेकर कई बार हंगामा हो चुका है। पार्टी हाईकमान भी जनपद और महानगर स्तर पर चल रही गुटबाजी से अवगत है। इसी वजह से पिछले दिनों प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने सहारनपुर आकर भाजपाइयों को फटकार लगाते हुए सुधरने की नसीहत दी थी। प्रदेश संगठन महामंत्री ने माना था कि प्रदेश में संगठन सहारनपुर में सबसे कमजोर है। इसलिए उन्होंने निकाय चुनाव के बाद जिला व महानगर कार्यकारिणी में बदलाव के संकेत दिए थे।
बुधवार को गाजियाबाद में निकाय चुनाव को लेकर भाजपा की समीक्षा बैठक होनी है। इस बैठक को लेकर जिला व महानगर कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की सांसें अटकी हुई हैं। क्योंकि, पार्टी प्रत्याशियों को मिले मतों पर मंथन किया जाएगा। इसके अलावा पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं पर भी चर्चा होगी। हालांकि, इन नौ कार्यकर्ताओं को पार्टी हाईकमान छह वर्ष के लिए संगठन से निष्कासित कर चुकी है। इसके बावजूद भाजपा की धन्यवाद बैठक में निष्कासित कार्यकर्ता नजर आए थे। नगर निगम चुनाव में पार्टी प्रत्याशी को कम वोट मिलने का जिम्मेदार निष्कासित कार्यकर्ताओं को भी माना जा रहा है। समीक्षा बैठक के बाद जनपद व महानगर के कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती और शीर्ष पदों पर भी बदलाव होना तय माना जा रहा है। इसको लेकर पदाधिकारी बेचैन है।