सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत सहारनपुर का भविष्य भगवान भरोसे है। आलम यह है कि योजना के स्थानीय नोडल अधिकारी को दिल्ली में हुई प्रेजेंटेशन की जानकारी नहीं है और नगरायुक्त कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। चूंकि जनसहभागिता योजना का बेहद जरूरी हिस्सा है। ऐसे में मौन रहकर इसमें सफलता पाया जाना मुश्किल है।
गौरतलब है कि सहारनपुर योजना के तीसरे चरण में संघर्ष कर रहा है। पिछले दो चरणों में खराब कार्ययोजनाओं और बेहद प्रभावहीन प्रेजेंटेशन की वजह से सहारनपुर के प्रस्तावों को नकार दिया गया। वर्तमान में तीसरा चरण चल रहा है। 21 नवंबर को दिल्ली में हुई प्रेजेंटेशन के संबंध में जब नोडल अधिकारी आलोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी जानकारी होने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जो भी मालूम है वह नगरायुक्त को ही है। इसके बाद नगरायुक्त गौरव वर्मा से बात हुई। उन्होंने केवल इतना बताया कि प्रेजेंटेशन ठीक रही है। आगे की क्या प्रक्रिया रहेगी इसके बारे में उन्होंने जानकारी होने से इनकार कर दिया। योजना को लेकर अधिकारियों की आधी अधूरी जानकारी होने से सहारनपुर का भविष्य अधर में नजर आ रहा है।