तीसरे दिन भी भूख हड़ताल पर रहीं शब्बीरपुर की महिलाएं
बड़गांव (सहारनपुर)। प्रशासन द्वारा रासुका की कार्रवाई से नाराज शब्बीरपुर गांव की दलित महिलाएं शुक्रवार को तीसरे दिन भी भीम आर्मी एकता मिशन के बैनर नीचे रविदास मंदिर में भूख हड़ताल पर बैठी रही। उन्होंने चेताया कि उनकी मांग पूरी होने तक वे यहां से नहीं उठेंगी।
बता दें कि बीते पांच मई को महाराणा प्रताप जयंती के जुलूस को लेकर शब्बीरपुर गांव में जातीय हिंसा भड़क गई थी। इसके बाद नौ मई को जिले में रामनगर सहित अन्य कई जगह पर हिंसा ने उग्र रूप ले लिया था। पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोपी शब्बीरपुर के प्रधान शिवकुमार व सोनू तथा दूसरे पक्ष के तीन लोगों व हिंसा के मास्टर माइंड भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण पर रासुका की कार्रवाई की थी। जिले में दलित समाज चंद्रशेखर पर लगी रासुका को लेकर गुस्से में हैं। वे हर रोज इसका विरोध प्रदर्शन कर रासुका हटाने की मांग कर रहे हैं। गांव शब्बीरपुर निवासी राजकुमार व सुदेश आदि ने बताया कि प्रशासन ने ग्राम प्रधान शिवकुमार व सोनू पर रासुका की कार्रवाई गलत की है। उधर, बृहस्पतिवार को भूख हड़ताल पर बैठी प्रधान शिवकुमार की पत्नी सोमपाली को देर शाम स्वास्थ्य बिगड़ जाने के कारण परिजनों ने रात में ही उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया था। वहीं, रासुका में निरुद्ध प्रधान शिवकुमार, सोनू के परिजन आज भी तीसरे दिन रविदास मंदिर प्रांगण में बैठे रहे। इधर ग्रामीण प्रशासन के समझाने वाले प्रयासों के बावजूद तीसरे दिन शुक्रवार को धरना स्थल पर बैठे अपनी जिद पर अड़े हैं। उधर, दिनभर थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बालियान मय फोर्स के साथ गांव में कैंप किए रहे।