फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व एमएलसी के खिलाफ साध्वी ने दिया धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
बेहट (सहारनपुर)। साध्वी देवा ठाकुर ने पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल पर अवैध खनन कराकर यमुना नदी का सीना चीरने और गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर उस पर यूनिवर्सिटी खड़ी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर तहसील में धरना दिया। हालांकि धारा 144 का हवाला देकर धरने से उठने के एसडीएम एवं सीओ के अनुरोध पर साध्वी ने धरना स्थगित कर दिया और पुलिस प्रशासन को पूर्व एमएलसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि समयावधि में कार्रवाई न होने पर वह आमरण अनशन करेंगी।
विज्ञापन

देवा फाउंडेशन करनाल (हरियाणा) की डायरेक्टर साध्वी देवा ठाकुर की करीब डेढ़ बजे जैसे ही तहसील परिसर में पहुंची तो कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, सीओ, एसडीएम, तहसीलदार सभी उनके पास पहुंच गए। अधिकारियों ने उनसे एसडीएम ऑफिस में चलकर बात करने का अनुरोध किया, लेकिन साध्वी के समर्थकों ने तहसील भवन के बरामदे में पहले दरी डाल दी थी। साध्वी कार से उतरने के बाद सीधे दरी पर जाकर बैठ गईं। एसडीएम और सीओ ने उन्हें धारा 144 का हवाला देते हुए वहां उठने और ऑफिस में बैठकर बात करने का अनुरोध किया, लेकिन साध्वी ने धरनास्थल पर ही बैठे रहने की बात कहते हुए मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि यहां का बड़ा खनन माफिया है, जिसने जमीनों पर अवैध कब्जा कर हजारों एकड़ में यूनिवर्सिटी बनाई है। वह मुख्यमंत्री से मांग करती हैं, कि यूनिवर्सिटी की जमीन की पैमाइश कराई जाए और यदि में उसमें अवैध जमीन है, तो तुरंत सरकार अपने कब्जे में ले। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की भी अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। जातीय हिंसा हुई, उसमें हजारों लोगों को नुकसान पहुंचा। संपत्ति को नुकसान हुआ, जिसके पीछे पूर्व एमएलसी का हाथ है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसा कौन सा दबाव है, कि उसके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देती हैं, इसके बाद वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी। उन्होंने एसडीएम वैभव शर्मा को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। सांकेतिक धरने के बाद वह एसडीएम वैभव शर्मा के साथ उनके ऑफिस में चली गईं। उनके साथ विजय कांत चौहान योगेंद्र कोरी, अभिषेक पंडित, गौतम राणा, संदीप सैनी, सिकंदर सोनी, अशोक कुमार प्रधान, चौधरी रणबीर, सुभाष, मुकेश राणा, नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर खड़ी की यूनिवर्सिटी
खनन माफिया ने गरीबों की जमीनों को कब्जाकर उस पर यूनिवर्सिटी बनाई है। उनके पास इसके पर्याप्त साक्ष्य हैं। कोर्ट के कई मामलों में आदेश के बावजूद भी सहारनपुर का पुलिस प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करने से बचता रहा। स्थानीय लोगों ने भी खूब आवाज उठाई, लेकिन उसकी काली दौलत की खनक ने उनकी आवाज को दबा दिया। इस देश और प्रदेश का र्दुभाग्य है, कि साधु-संतों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें