सहारनपुर। नॉर्दर्न रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने जिस 100वें इलेक्ट्रिक इंजन की सहारनपुर को नई सौगात दी है, वह कई नई तकनीकों से लैस किया गया है। इसकी मरम्मत में न केवल समय कम लगेगा, बल्कि तकनीकी खराबी पर मेसेज भी आएगा।
सहारनपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड में एक और इंजन के आने से संख्या में इजाफा हो गया है। नया इलेक्ट्रिक इंजन पंजाब के पटियाला में तैयार किया गया है। इस नए इंजन में कई खूबियां पुराने इंजनों से अलग हैं। सबसे पहले तो इस इलेक्ट्रिक इंजन की क्षमता अधिक है, यह 6200 हॉर्स पॉवर का है। पुराने इलेक्ट्रिक इंजन पांच हजार हॉर्स पावर के हैं। इसके अलावा इसमें सारा कंट्रोल सिस्टम है। पैनल, स्पीड, ब्रेक आदि इलेक्ट्रॉनिक बेस है। पुराना इलेक्ट्रिक इंजन दो महीने में मरम्मत होता है, जबकि नए इंजन को मरम्मत करना आसान है और यह तीन महीने में एक बार होगा। इसमें एसी भी लगा हुआ है। अगर कोई तकनीकी खराबी आती है तो इसकी जानकारी मेसेज के जरिए मिल जाएगी। खास बात यह है कि मालगाड़ियों के अलग संचालन को लेकर डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस पर नए इलेक्ट्रिक इंजन को उतारा जा सकता है। क्योंकि इंजन को इस प्रकार से ही बनाया गया है।