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सचिन-गौरव के हत्यारोपी को नहीं मिली नौकरी

Fri, 04 Oct 2013 07:59 AM IST
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कवाल के मृतक शाहनवाज के भाई नदीम को सरकारी नौकरी देने में अड़ंगा लग गया है। शासन से पीडब्ल्यूडी में बेलदार के पद पर ज्वाइनिंग की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन मलिकपुरा के सचिन और गौरव की हत्या में नामजद होने की वजह से थाने से उसका चरित्र प्रमाण-पत्र नहीं बन पाया।
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प्रशासन ने आनन-फानन में अब शाहनवाज के दूसरे भाई के लिए नौकरी का प्रस्ताव शासन को भेजा है।

हिंसा के बाद पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। स्थानीय प्रशासन ने 33 मृतक आश्रितों के नाम और विभाग में आवंटित रिक्त पदों के लिए शासन को संस्तुति भेजी थी।

इनमें कवाल के मृतक शाहनवाज के भाई नदीम को भी पीडब्लूडी में बेलदार के पद पर नौकरी के लिए हरी झंडी मिल गई। ज्वाइनिंग से पूर्व चरित्र प्रमाण पत्र दाखिल करने को लेकर अड़ंगा लग गया।
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जानसठ कोतवाली के थानेदार ने मलिकपुरा के सचिन और गौरव की हत्या में नामजद होने की वजह से नदीम का चरित्र प्रमाण पत्र बनाने से इंकार कर दिया।

जानसठ पुलिस की सूचना पर आनन-फानन में नदीम की ज्वाइनिंग रोक दी गई। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि संशोधित प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजा गया है। नदीम की जगह अब शाहनवाज के दूसरे भाई शहजाद को नौकरी देने का प्रस्ताव दिया गया है।

बेटे की उम्र कम, मां करेगी नौकरी
हिंसा का शिकार हुए कुटबा के कय्यूम के बेटे शाहरुख की ज्वाइनिंग भी रोक दी गई है। प्रशासन ने शाहरुख का नाम शासन को भेजा था, नजारत में चपरासी के पद पर नौकरी की स्वीकृति भी मिल गई।

ज्वाइनिंग से पहले सर्टिफिकेट की जांच हुई तो शाहरुख की उम्र 18 साल से कम पाई गई। प्रशासन ने अब कय्यूम की पत्नी मेहरो को नजारत में चपरासी की नौकरी का प्रस्ताव भेजा है।
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