पुराने शहर में बुधवार तड़के से शुरू हुआ बवाल गुरुवार को भी जारी रहा।
ईद के मद्देनजर सुबह नक्खास बाजार खुला लेकिन दो घंटे बाद शरारती तत्वों ने अफवाह फैलाना शुरू कर दिया।
इसके बाद उपद्रवियों ने पथराव करके दुकानें बंद करा दीं।
पुलिस ने हालात सामान्य करने के इरादे से व्यापारी नेताओं की मदद से बाजार खुलवाने की कोशिश की तो शरारती तत्वों ने पुलिस से झड़प शुरू कर दी।
उपद्रवियों की भीड़ को खदेड़ने का प्रयास कर रहे पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया। लोगों को मनाने में जुटी पुलिस ने बात न बनने पर लाठी भांजी, जो हत्थे चढ़ा उसे खूब पीटा।
इस दौरान उपद्रवियों ने चौक, बाजार खाला व ठाकुरगंज क्षेत्र में छुटपुट बवाल करके माहौल बिगाड़ने के कई प्रयास किए।
21वीं रमजान के जुलूस पर पथराव को लेकर शुरू हुआ बवाल ठंडा होने का अनुमान लगाकर नक्खास बाजार के व्यापारियों ने गुरुवार सुबह दुकानें खोलीं।
मेन रोड पर पुलिस, पीएसी व आरएएफ की टोलियां गश्त करने के साथ विभिन्न स्थानों पर मुस्तैद थी।
दोपहर 12:30 बजे अकबरी गेट पर एक पक्ष के कुछ लोगों ने ऊंची इमारत से एक पत्थर फेंका वहीं कुछ शरारती तत्वों ने छत पर खड़े होकर आपत्तिजनक इशारे किए।
इससे आक्रोशित दूसरे पक्ष के लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और भीड़ एकत्र करके बाजार बंद करा दिया।
हालात फिर से बिगड़ने की खबर पर एसएसपी जे रविंदर गौड कई अधिकारियों व पुलिस टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कहकर माहौल शांत कराने की कोशिश की।